संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। दिवाली पर सराफा बाजार में भी चमक है। सोना नहीं इस बार लोगों में चांदी की मांग अधिक है। मांग सिक्कों या छोटे पूजा-पात्रों तक सीमित नहीं रही है बल्कि डेढ़ से दो किलो वजन तक की चांदी की लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां खरीदी जा रही हैं। विशेष मांग पर इनको बनवाया जा रहा है। पांच किलो की पूजा थाल और आधा किलो तक वजन वाले चांदी के गिलास की भी मांग है।
चांदी की कीमत बढ़ी जरूर है, लेकिन त्योहार पर इसे शुभ मानते हुए लोग निवेश और परंपरा, दोनों नजरिए से खरीदारी कर रहे हैं। बाजार में इस बार लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां 500 ग्राम से लेकर तीन किलो तक वजन में उपलब्ध हैं। चांदी की थालियां 800 ग्राम से पांच किलो वजन तक की हैं। पूजन के लिए विशेष रूप से इनको खरीदा जा रहा है। इसके अलावा चांदी के गिलास, चम्मच, कटोरे, घंटियां और सिक्के भी लोग पारंपरिक रूप से खरीद रहे हैं। कारोबारी दिनेश गुलाटी ने बताया कि इस बार त्योहार सीजन में सोने-चांदी का कारोबार कहीं न कहीं धीमा है लेकिन लोग निवेश के रूप में चांदी का सामान खरीद रहे हैं। ग्राहक ऑर्डर पर रामलला व राम दरबार की मूर्तियों को बनवा रहे हैं।
भारी घुंघरू वाली पायल बनी पसंद
आरके ज्वैलर्स के दिनेश गुलाटी ने बताया कि दिवाली पर महिलाएं शृंगार के लिए सबसे अधिक चांदी व सोने के आभूषण खरीदती हैं। स्वयं के साथ-साथ माता लक्ष्मी के पूजन के लिए खास पायल जैसे आभूषणों को खरीदा जा रहा है। चांदी की पायल, बिछुओं के साथ चेन और तागड़ी बनवाई जा रही हैं। कुंदन पायल, झुमकों की चेन वाली पायल, लेयर पायल, मोर के डिजाइन में बनी पायल और भारी घुंघरू वाली पायल सबसे अधिक पसंद की जा रही हैं।
पूजन के लिए चांदी के सेट की मांगदुकानदार पारस ने बताया कि माता लक्ष्मी पूजन के लिए इस बार लोग पूरे सेट में सामान ले रहे हैं। थाली, घंटी, चम्मच, कलश, मूर्ति का सेट बनवा रहे हैं। इस बार चांदी की खरीदारी केवल धार्मिक रस्म से नहीं, बल्कि दीर्घकालिक निवेश का जरिया बन गई है। कीमत अधिक होने के बावजूद लोग लक्ष्मी-गणेश पूजन के लिए चांदी को शुभ और स्थायी मानते हैं। यही वजह है कि बाजार में इस बार अधिक वजन की मूर्तियों, थालियों और शृंगार के लिए चांदी के सामान की मांग हो रही है।
मूर्तियां पांच हजार से डेढ़ लाख तक
सराफ दिनेश गुलाटी ने बताया कि पिछले साल जहां चांदी का सिक्का एक हजार रुपये तक था, इस साल दो हजार रुपये में आ रहा है। चांदी की मूर्तियां बाजार में पांच हजार रुपये से शुरू होकर एक से डेढ़ लाख रुपये तक की हैं। लोग चांदी की मूर्तियां खरीद रहे हैं। पूजा के लिएचांदी की मूर्तियों के साथ सिक्के, चांदी का बिस्कुट, गिलास, चम्मच और शृंगार के लिए पायल और बिछुओं की मांग अधिक है।