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Karnal News: सराफा में सन्नाटा, सकते में सर्राफ

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सराफा में सन्नाटा, सकते में सर्राफ - फोटो : सराफा में सन्नाटा, सकते में सर्राफ
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जितेंद्र नरवाल
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करनाल। पीएम मोदी की एक साल तक सोना न खरीदने की अपील का सोमवार को सराफा बाजार में बड़ा असर नजर आया। आम दिनों की तुलना में बहुत कम ग्राहक आए। आभूषणों की दुकानों पर सन्नाटा पसरा रहा। सोना महंगा हो जाने से पहले से मंदी की मार झेल रहे कारोबारी सकते में आ गए हैं। उनका कहना है कि पिछले एक साल में कारोबार 40 से 50 फीसदी ही रह गया है। अब लोग पीएम की सलाह मानकर सोना नहीं खरीदेंगे तो कारोबार और सिमट जाएगा।
करनाल सर्राफ एसोसिएशन के प्रधान कमल गुप्ता का कहना है कि सराफा कारोबार के लिए यह संकट का दौर है। पीएम मोदी की अपील का सीधा असर पड़ा है। जिन लोगों ने गहनों के आर्डर दे रखे थे, वे भी असमंजस में पड़ गए हैं। दुकानों पर ग्राहक न के बराबर ही दिखे। अगर पीएम सोना कम खरीदने या सिर्फ शादी-विवाह के लिए ही खरीदने की अपील करते, तो भी ठीक था। एकदम से खरीद बंद करने के लिए कहना ठीक नहीं है। पीएम को सराफा कारोबारियों, कारीगरों और इस कारोबार से जुड़े और लोगों की रोजी-रोटी के बारे में भी सोचना चाहिए था। सर्राफ लव कुमार का कहना है कि सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव से निवेशक और ग्राहक पहले से ही दुविधा में हैं। बड़ी संख्या में ऐसे लोग आ रहे हैं जो पुराने गहने देकर नए बनवा रहे हैं।
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पीएम की अपील के बाद असमंजस और गहरा गया है। लोग सोच में पड़े हैं कि कीमतें स्थिर रहेंगी या तेजी से उतार-चढ़ाव होगा। इसी चक्कर में खरीदारी से बच रहे हैं। यह स्थिति बाजार के लिए अनुकूल नहीं है। कारोबार पहले ही आधा रह गया है। अब और गिरावट आने के आसार बन गए हैं। सर्राफ कुंज बसंल ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों, रुपये के मुकाबले डॉलर की तेज चाल और वैश्विक बाजार में अनिश्चितता के कारण सोने के दामों में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। ऐसे में निवेशक फिलहाल इंतजार की नीति अपना रहे हैं।
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लोगों को लग रहा कि आने वाले समय में सोने के दामों में और गिरावट आ सकती है। ऐसी स्थिति में प्रधानमंत्री का बयान सराफा कारोबार के लिए ठीक नहीं है। विदेशी मुद्रा को बचाने के लिए और कई उपाय किए जा सकते हैं। सोना न खरीदना ही एकमात्र उपाय नहीं है।
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