देश के संविधान में सभी धर्मों को एक समान दर्जा मिला है। गीता, बाइबल, गुरु ग्रंथ साहिब व कुरान सभी पूज्य ग्रंथ हैं। सिख गुरुओं ने धार्मिक स्वतंत्रता के लिए अनेक कुर्बानियां दी है।
सभी धर्मों का एक जैसा सत्कार होने से ही देश सुदृढ़ होता है, लेकिन इस तरह से ग्रंथों के अपमान की घटनाएं देश और सामाजिक एकता के लिए खतरा पैदा कर रही हैं।
बुधवार को सिंगड़ा स्थित गुरुद्वारा के संत बाबा राम सिंह ने पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने अंबाला के शालीमार क्षेत्र में श्री गुरुग्रंथ साहिब के साथ हुई बेअदबी करने वालों की निंदा की।
उन्होंने बताया कि श्री गुरुग्रंथ साहिब को सर्वोच्च न्यायालय ने जीवंत गुरु की संज्ञा दी है। लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों ने समाज को तोड़ने के लिए अंबाला की शालीमार कॉलोनी स्थित गुरुद्वारा सिंह सभा में रखे श्री गुरु ग्रंथ साहिब के साथ बेअदबी की है। उन्हें गंदगी के पास रखा गया।
पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार करके इस मामले को ठंडे बस्ते में डाला हुआ है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सिख समुदाय में सरकार के खिलाफ आक्रोश बढ़ रहा है। उन्होंने इस में बेअदबी की साजिश होने की संभावना जताई है।
उन्होंने कहा कि पुलिस सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर पता लगाए कि उनकी मंशा क्या हैं। जिस प्रकार से गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की गई है, इसको देखते हुए संस्थाओं को श्री गुरुग्रंथ साहिब की सेवा पूरी जिम्मेदारी व ईमानदारी के साथ करनी चाहिए ताकि भविष्य में इस प्रकार की कोई घटना न हो सके।