अधूरी तैयारी के साथ शुरू हुई मेडिकल कॉलेज की शिफ्टिंग
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हवन के साथ गुरुवार को कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज को नए बिल्डिंग में शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू हो गई। पहले एडमिन ब्लॉक को नए बिल्डिंग में शिफ्ट किया जा रहा है। वहीं ओपीडी, ट्रामा सेंटर, जनरल वार्ड जैसे अन्य ब्लॉकों को शिफ्ट करने में अभी समय लगेगा। क्योंकि नए बिल्डिंग के इन ब्लॉकों में अभी बिजली, पानी व पेंटिंग के मेंटिनेंस का कार्य चल रहा है।
अधिकारियों के अनुसार शिफ्टिंग कार्य पूरा हो होने पर मरीजों के लिए खोला जाएगा। नई बिल्डिंग में शिफ्टिंग से पहले मेडिकल कॉलेज के डायरेक्टर डॉ. सुरेंद्र कश्यप ने गुरुवार दोपहर एक बजे सभी डॉक्टरों के साथ मिलकर एडमिन ब्लॉक में हवन किया। हवन के बाद फर्नीचर और फाइलों को पुरानी बिल्डिंग से नए बिल्डिंग में शिफ्ट करने का कार्य शुरू हुआ, जो देर शाम तक चलता रहा।
सभी फाइलों को नए बिल्डिंग में शिफ्ट हो जाने के बाद डायरेक्टर व एडमिन विभाग से जुड़े अन्य अधिकारी यहां बैठना शुरू कर देंगे। वहीं, दूसरी तरफ मरीजों के लिए बने ओपीडी, जनरल वार्ड, ट्रामा सेंटर और कॉलेज के एमबीबीएस स्टूडेंट और डॉक्टरों के लिए बने कॉलेज और हॉस्टल में अभी तक बिजली और पानी की सप्लाई तक चालू नहीं हो पाई है। इन ब्लॉकों में यह कार्य पूरा करने में अभी महीनों लग सकते हैं।
मरीजों को सुविधा मिलने में लगेगा समय
एडमिन ब्लॉक के अलावा अन्य ब्लॉकों की शिफ्टिंग में हो रही देरी का नुकसान मरीजों को उठाना पड़ेगा। इस कॉलेज को खोलने का मकसद ही मरीजों को सीएम सिटी में मेडिकल की सभी आधुनिक सुविधाएं देना था। लेकिन जिस तरह से कॉलेज प्रशासन शिफ्टिंग कार्य में ढुलमुल रवैया अपना रखा है, उससे मरीजों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। अभी तक कॉलेज के पास एमआरआई, डिजिटल एक्सरे जैसी मशीनें भी नहीं आ पाई हैं। वहीं ट्रामा सेंटर, आईसीयू और सीसीयू जैसी इमरजेंसी सेवाओं से जुड़ी कई मशीनें भी अभी तक अधर में लटकी हैं। तब तक ये मशीनें कॉलेज में नहीं पहुंचती, तब तक मेडिकल कॉलेज में मरीजों को सिर्फ सामान्य अस्पताल जैसी सेवाएं ही मिल सकेंगी।