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गलत उत्तरों को ठीक बताने वाले अध्यापकों पर लटकी तलवार

Thu, 29 Dec 2016 12:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल
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गलत उत्तरों को ठीक बताने वाले अध्यापकों पर लटकी तलवार - फोटो : Amar Ujala
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सीएम सिटी में शिक्षा का स्तर किस तरह से गिर रहा है। इसका खुलासा हाल ही में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा मारे गए छापे में हुआ। इस छापे में अर्धवार्षिक परीक्षा की कापियों का मूल्यांकन करते समय कई शिक्षक गलत मार्किंग से छात्रों को पास करते नजर आए। अब विभाग इस लापरवाही में संलिप्त करीब एक दर्जन शिक्षकों की रिपोर्ट तैयार कर रहा है। ऐसे शिक्षकों पर नए साल में विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। हमारा समाज शिक्षकों से आशा करता है कि, वे छात्रों को अच्छी शिक्षा देने के साथ सही रास्ते पर ले जाएंगे, लेकिन इसके उलट करनाल के कई शिक्षक गलत मार्किंग से अपने छात्रों को सफलता की सीढ़ी चढ़ा रहे हैं।
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अब ऐसे सभी शिक्षक विभाग द्वारा की जा रही जांच के घेरे में हैं। जिला शिक्षा अधिकारी सुरेश गौरिया ने अपनी टीम के साथ हाल ही में कापियों के मूल्यांकन के समय स्कूलों में छापा मारा था। इस दौरान कई स्कूलों में शिक्षक प्रश्नों के गलत उत्तर पर भी छात्रों को नंबर देते नजर आए। जब अधिकारियों ने इस गलत मार्किंग पर उनसे सवाल किया तो, वे इसका जवाब नहीं दे पाए। जैसे जब अधिकारियों ने रायसन स्थित राजकीय सी.से. स्कूल में छापा मारा तो वहां पर शिक्षक 9वीं क्लास के छात्रों का अंग्रेजी विषय की कापियां जांच रहे थे। जिसमें एक प्रश्न था कि मारिया सारापोव किस देश की हैं।

छात्र ने ऑप्शन में इंडिया के सामने टिक किया था, लेकिन शिक्षक ने इस गलत उत्तर पर भी छात्र को नंबर दे दिया। इसी तरह एक छात्र ने अपनी कापी में किसी भी प्रश्न का सही उत्तर नहीं दिया था, लेकिन उसे भी गुरू जी ने अच्छे नंबरों से पास कर दिया। शिक्षकों द्वारा गलत मार्किंग का यह मामला सिर्फ अंग्रेजी में ही नहीं, बल्कि गणित, हिंदी, साइंस जैसे सभी विषयों में की गई है। इस तरह की लापरवाही का खुलासा होने के बाद से विभाग अब सभी स्कूलों में जांच कर रहा है। जांच के दौरान जो भी शिक्षक दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ विभाग द्वारा कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।
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गलत मार्किंग जैसे मामले शिक्षा के स्तर को गिरा रहे हैं। विभाग ऐसी लापरवाही बर्दास्त नहीं करेगा। स्कूलों में जांच की जा रही है, जो भी शिक्षक दोषी पाया जाएगा, उसपर कार्रवाई के लिए हेड ऑफिस से अनुशंसा की जाएगी।
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- सुरेश गौरिया, जिला शिक्षा अधिकारी
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