कुरुक्षेत्र के जिला एवं सत्र न्यायाधीश ललित बत्रा ने शनिवार को जिला जेल का निरीक्षण किया तथा 494 कैदियों और हवालातियों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर हाल-चाल पूछा।
इस दौरान जज ने कैदियों की समस्याएं सुनीं और समस्याओं का मौके पर समाधान करने के लिए संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश भी जारी किए। इस निरीक्षण में जिला विधिक प्राधिकरण के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सुमित गर्ग भी साथ थे।
इस अवसर पर बत्रा ने कहा कि लीगल एड में जो वकील जिला जेल में आते हैं, वो छोटे केसों का गहनता से अध्ययन करें ताकि उनका जल्द निपटारा हो सके। उन्होंने हवालातियों और कैदियों को उचित चिकित्सा सुविधा मुहैया करवाने के लिए भी जेल अधिकारियों को कहा।
उन्होंने हवालातियों और कैदियों से व्यक्तिगत रूप से उनका हालचाल पूछकर उनकी समस्याओं को जानने का प्रयास किया। कई हवालातियों ने इलाज के दौरान आ रही दिक्कतों व अन्य बीमारियों की जांच के साथ-साथ कई तरह की अन्य समस्याएं रखीं। बत्रा ने सभी लोगों की समस्याओं को ध्यान से सुना और सभी का समाधान करने के लिए निर्देश भी दिए।
उन्होंने कैदियों को समझाते हुए कहा कि जो भी कैदी पेरोल पर जाता है उसे तय समय-सीमा के अंदर-अंदर वापस आना चाहिए नहीं तो जिला जेल उसके खिलाफ पेरोल एक्ट के तहत केस दर्ज करती है।
इसके बाद बत्रा ने रसोई घर का निरीक्षण किया। यहां पर खाना बनाने वाले कैदियों से बातचीत की तथा उनसे पूछा की उन्हें कोई परेशानी तो नहीं है। इसके साथ ही कैदियों द्वारा तैयार किए गए खाने की गुणवत्ता को जांचने के लिए आलू-गोभी की सब्जी का स्वाद भी चखा।
इस मौके पर जिला जेल के पुलिस अधीक्षक एसपीएस चौहान, जेल पुलिस उपाधीक्षक देवीदयाल तंवर, जेल पुलिस उपाधीक्षक सोमनाथ जगत, एआईपीआरओ बलराम शर्मा, डॉ. विनोद कुमार अग्रवाल, लीगल एड के एडवोकट पंकज ढींगड़ा, अशोक राणा व पुष्पिंद्र राणा, सुरेश कुमार, संजीव सैनी आदि अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।