हाईप्रोफाइल सामूहिक दुष्कर्म और हनीट्रेप मामले में पुलिस द्वारा महिला की रिमांड के लिए सेशन कोर्ट में लगाई गई रीविजन अपील को अदालत ने मंजूर कर लिया है। प्रक्रिया के तहत अब निचली अदालत में 28 अगस्त को महिला के रिमांड को लेकर दोनों पक्षों की बहस होगी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत फैसला देगी कि महिला को रिमांड पर भेजा जाए या न्यायिक हिरासत में ही रहे। साथ ही महिला पक्ष के वकील द्वारा लगाई गई जमानत याचिका को भी स्थगित कर दिया गया। इसके पीछे पुलिस पक्ष का तर्क था कि 28 को महिला के रिमांड को लेकर बहस है, इसलिए जमानत पर फैसला इसके बाद ही हो। अदालत ने ये बात भी मान ली है।
21 अगस्त को महिला और उसके पति को सेक्टर-12 स्थित पार्किंग से सवा सात लाख रुपये लेते गिरफ्तार किया था। सिविल लाइन थाना पुलिस द्वारा दोनों को 22 अगस्त को अदालत में पेश किया था और महिला का दो दिन का रिमांड मांगा था। हालांकि अदालत ने पुलिस को फटकार लगाई थी और पूछा था कि रिमांड क्यों चाहिए? इस पर जांच अधिकारी एसआई जगबीर सिंह ने बताया था कि महिला से छह लाख रुपये और बरामद किये जाने हैं। इस पर महिला के वकील ने कहा था कि पुलिस हिरासत के दौरान ही महिला को पैसे रिकवरी के लिए कुरुक्षेत्र उसके घर ले जा चुकी है और कोई रिकवरी नहीं हुई है। इस पर अदालत ने महिला को पुलिस रिमांड के बजाए न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। इसी के बाद से पुलिस दोबारा रिमांड लेने के लिए प्रयास में थी तो महिला का बचाव पक्ष जमानत के लिए कोशिश कर रहा था। पुलिस की ओर से सेशन कोर्ट में महिला के रिमांड के लिए रिवीजन एप्लीकेशन लगाई थी। जिसे एसीजेएम हरीश गोयल अदालत ने मंजूरी दे दी है, महिला के प्रोडक्शन वारंट जारी किये। अब कानूनी प्रक्रिया के तहत 28 अगस्त को निचली अदालत में महिला के रिमांड को लेकर बहस होगी। इसके साथ ही महिला की जमानत को लेकर भी सुनवाई को बुधवार को टाल दिया गया है। सरकारी वकील द्वारा कहा गया कि क्योंकि महिला के रिमांड को लेकर 28 को सुनवाई है, जमानत पर फैसला इसके बाद ही होने की अपील की। अदालत ने इस पर भी सहमति दे दी।
एसआई के बजाए अब इंस्पेक्टर करेंगे जांच
अदालत की फटकार के बाद पुलिस ने मामले में जांच अधिकारी को बदल दिया है और अब जांच की जिम्मेदारी सिविल लाइन थाना प्रभारी संजीव कुमार को सौंपी है। पहले यह जांच एसआई जगबीर सिंह कर रहे थे। अदालत में जांच अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाये थे। हाईप्रोफाइल केस होने के कारण पुलिस अब मामले में किसी भी स्तर पर कोई कमजोर कड़ी नहीं छोड़ना चाह रही है। इंस्पेक्टर संजीव कुमार ने बताया कि अदालत ने पुलिस की ओर से लगाई महिला के रिमांड की रिवीजन एप्लीकेशन को मंजूर कर लिया है। रिमांड पर निचली अदालत में 28 अगस्त को सुनवाई होगी।