- बिना इलाज लौटे कई मरीज, फार्मेसी में समय पर नहीं मिल सकीं दवाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जिला नागरिक अस्पताल में शनिवार को सर्वर ठप होने से करीब दो घंटे तक ओपीडी सेवाएं प्रभावित रहीं। सुबह करीब 11 बजे से रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया बंद हो गई, जिससे मरीजों को पर्ची नहीं मिल पाई। बाद में मैन्युअल पर्ची काटने की प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन तब तक भीड़ बढ़ चुकी थी और कई मरीज इलाज के बिना लौटने लगे।
अस्पताल में रोजाना औसतन 2500 से अधिक मरीज पहुंचते हैं। सर्वर फेल होने से न सिर्फ मरीजों को पर्ची के लिए लाइन में खड़े रहना पड़ा, बल्कि डॉक्टरों को भी बिना पूर्व रिकॉर्ड के काम करना पड़ा। सर्वर फेल होने के बाद मैन्युअल पर्चियां तो काटनी शुरू कर दी गईं, लेकिन इससे डॉक्टरों और स्टाफ को कई स्तर पर परेशानियों का सामना करना पड़ा। सबसे पहली दिक्कत यह थी कि डॉक्टरों को मरीज की हिस्ट्री या रिपोर्ट उपलब्ध नहीं हो पाई। डिजिटल पर्ची से मिलने वाला पुराना डेटा जैसे कि पहले दी गई दवाएं, टेस्ट और इलाज का क्रम सब अनुपलब्ध रहा। डॉक्टरों को हर मरीज से नई जानकारी लेकर काम करना पड़ा।
फार्मेसी में दवा वितरण में देरी
फार्मेसी को दवाइयों के वितरण के लिए ऑनलाइन पर्ची की जरूरत होती है। पर्ची न मिलने की वजह से फार्मेसी को मैन्युअल रिकॉर्ड पर दवाइयां देनी पड़ीं, जिससे दवा वितरण धीमा हुआ और रिकॉर्डिंग प्रक्रिया को सोमवार को दोबारा ऑनलाइन करने का भी काम बढ़ा कि शनिवार को कौन-कौन सी दवाएं वितरित की गईं। एक चिकित्सक ने बताया कि मरीजों का भुगतान और बिलिंग सिस्टम भी प्रभावित हुआ। ऑनलाइन बिलिंग न होने से मरीजों से लिए गए पैसों का हिसाब भी नोट करना पड़ा क्योंकि अगर कंप्यूटर में रिकाॅर्ड दर्ज होता है तो अगली बार केवल स्टांप लगाकर मरीज उसी पर्ची के साथ जा सकता है। एक मरीज ने बताया कि पर्ची ऑनलाइन नहीं बन रही थी, इसलिए मरीजों को मैन्युअल पर्ची के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। अस्पताल के बाहर और अंदर मरीजों की भीड़ बढ़ गई।
लैब और जांच प्रक्रिया प्रभावित
अस्पताल के कर्मचारियों और डॉक्टरों को बिना तकनीकी सहायता के काम करना पड़ा। कुछ डॉक्टरों के पास मरीज नहीं पहुंच रहे थे, वहीं जो पहुंच रहे थे उनकी मेडिकल हिस्ट्री के बारे में जानने में परेशानी हुई। 11 बजे से पहले जिन्होंने जांच कराई उनकी भी रिपोर्ट नहीं आई। सोमवार तक के लिए मरीज को अपनी रिपोर्ट का इंतजार करना होगा। वहीं लैब को जांच के लिए ऑनलाइन स्लिप नहीं मिली। इसके कारण ब्लड टेस्ट, एक्स-रे और अन्य जांचों में देरी हुई। कई बार मैन्युअल स्लिप बनने में भी दिक्कतें आईं, जिससे जांचों का काम बाधित रहा। अस्पताल में रोजाना दोपहर एक बजे तक ओपीडी चलती है और उसके बाद पर्ची कटना बंद हो जाता है। इस दिन सर्वर फेल होने और मैन्युअल पर्ची की देरी ने अस्पताल के आधे दिन की सेवाएं बाधित कर दीं। नतीजा यह हुआ कि मरीजों का इलाज धीमा हुआ।
सुबह मैकेनिक बिजली को दुरुस्त कर रहे थे, उसी समय कोई तार गलत जुड़ गया, जिसके कारण दिक्कत आई थी, कुछ ही देर बाद व्यवस्था को दुरुस्त कर लिया गया था।
- डॉ. बलवान सिंह, पीएमओ जिला नागरिक चिकित्सालय करनाल