माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। एक युवक से 3 लाख 90 हजार रुपये लेकर न्यूजीलैंड के बजाय बाकू (अजरबेजान) भेज दिया गया। वहां उसे चार दिनों तक होटलों में घुमाया। न तो कोई एजेंट मिलने आया और न कोई काम मिला। पीड़ित 22 अप्रैल 2024 को भारत लौट आया। जब पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी। जिस पर सेक्टर 32-33 थाने में मामला दर्ज किया गया है।
मनजीत कुमार निवासी सेक्टर-6 ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत देकर बताया कि जनवरी 2024 में उसकी मुलाकात रवि चौधरी से हुई, जिसने दावा किया कि वह न्यूजीलैंड का वर्क वीजा दिला सकता है। रवि ने मनजीत को विश्वास में लेने के लिए तीन लोगों के न्यूजीलैंड वर्क वीजा की कॉपियां व्हाट्सएप पर भेजीं। मनजीत जब तैयार हुआ तो रवि ने 14 लाख रुपये की मांगे।
रवि चौधरी ने माया सिंह और हरबीर सिंह के बैंक खातों और गूगल पे नंबर दिए। मनजीत ने 15 मार्च को एक लाख रुपये, नौ अप्रैल को 1.5 लाख रुपये, 10 अप्रैल को 50 हजार रुपये और 16 अप्रैल को 60 हजार रुपये रवि के बताए खातों में ट्रांसफर कर दिए। उसने 3 लाख 60 हजार रुपये पहले ही दे दिए थे। बाद में रवि ने उसे न्यूजीलैंड के बजाय बाकू का वीजा थमा दिया और कहा कि वहां से न्यूजीलैंड भेजा जाएगा। 18 अप्रैल 2024 को मनजीत बाकू पहुंचा तो वहां उसे कोई लेने नहीं आया। संपर्क करने पर रवि ने और 30 हजार रुपये की मांग की जो मनजीत ने ट्रांसफर कर दिए।
बाकू में एजेंटों के फोन बंद मिलने पर 22 अप्रैल को वह भारत लौट आया। पीड़ित ने बताया कि आरोपी कॉल उठाना बंद कर चुके हैं। मनजीत ने पुलिस अधीक्षक से तीनों आरोपियों के खिलाफ शिकायत दी। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।