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Karnal News: घूस लेने के आरोपियों की तलाश

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माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। मानपुरा गांव में हुए हत्याकांड में दर्ज एफआईआर से आरोपियों के नाम निकालने व कुछ और लोगों को जांच में शामिल कर सभी से उगाही के इस खेल का अब पुलिस पर्दाफाश करने में जुटी है।
आरोपियों को बचाने की एवज में रिश्वत लेने वाले पुलिस इंस्पेक्टर मनदीप और हेड कॉन्स्टेबल ऋषिपाल के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर विभागीय जांच शुरू कर दी है। हालांकि अभी तक दोनों आरोपी गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस उनके हर संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। उनके मोबाइल फोन से लेकर लोकेशन तक ट्रेस की जा रही है।
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दूसरी ओर मामले की जांच अब डीएसपी इंद्री सतीश गौतम कर रहे हैं। शनिवार को डीएसपी असंध पहुंचे और तीन लोगों के असंध कोर्ट में बयान दर्ज कराए। इनमें जयवीर, चमन लाल और कप्तान नाम के लोगों के बयान दर्ज कराए गए हैं।
बताया जा रहा है कि हत्याकांड में पुलिस ने आठ नामजद के साथ अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था। जबकि इसमें हत्या के आरोप केवल एक आरोपी पर सिद्ध हुआ और अन्य आठ आरोपी हत्याकांड में शामिल मिले। पुलिस ने इन नौ लोगों की गिरफ्तारी भी कर ली थी।
अब एफआईआर में दर्ज बचे सात लोगों के नाम मुकदमे से निकालने की एवज में मोटी रिश्वत का प्लान बनाया गया। फिर इन सात के अलावा इनके ही संपर्कों को जोड़कर कुछ अन्य को हत्याकांड में शामिल कर सभी से रिश्वतखोरी का ये प्लान बना। बताया जा रहा है आरोपी पुलिस अधिकारियों ने ऐसे करीब 22 लोगों की चेन बना मामले से जोड़ने का प्रयास किया।
अब इन सभी को मामले से बचाने के लिए प्रति व्यक्ति को दो से तीन लाख रुपये देने तय किए गए। पहले मांग 50 लाख की थी, लेकिन बाद में पूरा मामला 37 लाख रुपये में तय हुआ। ये रकम जींद के एक बिचौलिए तक पहुंचा दी गई। यहां से रकम आरोपी पुलिस इंस्पेक्टर और हेड कॉन्स्टेबल तक भी पहुंच गई। इसी बीच इसकी शिकायत एसपी को मिली। इसकी भनक लगते ही आरोपियों ने रिश्वत की रकम लौटा दी गई। फिर डीएसपी की जांच में इंस्पेक्टर और हेड कॉन्स्टेबल दोषी मिले। एसपी के आदेशों पर दोनों पर मामला दर्ज कर उनको निलंबित कर दिया गया है। मामला दर्ज होने के बाद से दोनों आरोपी फरार हैं।
12 मार्च की रात को मानपुरा गांव में दलबीर के घर में घुसकर बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की। इस वारदात में दलबीर की पत्नी सुमित्रा की गोली मारकर हत्या कर दी। जबकि दलबीर और उनके बेटे सचिन को गंभीर रूप से घायल कर दिया।
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यह विवाद ठीक एक वर्ष पहले 12 मार्च 2024 को गली में बुलेट के पटाखे बजाने से शुरू हुआ था। उस दौरान दलबीर का बेटा सचिन बाइक से पटाखे बजा रहा था। इसकी शिकायत पर दोनों पक्षों में झगड़ा हो गया। हत्या के मामले में पुलिस नौ लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
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