राज्य सूचना आयोग ने आरटीआई के तहत तीन साल बाद भी सूचना नहीं देने पर शहर के एसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल पर 10 हजार रुपये का जुर्माना ठोका है।
यह जुर्माना स्कूल को 30 दिन के अंदर-अंदर सरकार के खाते में जमा करवाना होगा। आरटीआई कार्यकर्ता एडवोकेट राजेश शर्मा ने स्कूल प्रबंधन से चार अगस्त 2010 को स्कूल के अकाउंटस, दुकानों के किराए की जानकारी, समय-समय पर हुई स्कूल मीटिंग का ब्यौरा, स्कूल के खर्चे की जानकारी मांगी थी।
जब स्कूल ने जानकारी उपलब्ध नहीं करवाई तो उन्हाेंने राज्य सूचना आयोग में अपील दायर की। इस पर आयोग ने स्कूल को 15 दिन के भीतर निशुल्क सूचना उपलब्ध करवाने के आदेश दिए थे। साथ ही कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था। सूचना आयोग ने 22 फरवरी 2013 को इस अपील पर फैसला सुनाया गया था और तब से लेकर आज तक राज्य सूचना आयोग ने इस केस में कई तारीखें लगाईं। इस पर जब स्कूल ने सूचना नहीं दी तो उस पर 10 हजार रुपये जुर्माना ठोक दिया गया।
स्कूल ने अभी तक नहीं दी सूचना
आरटीआई कार्यकर्ता राजेश शर्मा का कहना है कि हालांकि राज्य सूचना आयोग ने 15 दिन के भीतर सभी सूचनाएं प्रार्थी को उपलब्ध करवाने के आदेश दिए थे, लेकिन आज तक भी स्कूल ने सूचनाएं उपलब्ध नहीं करवाई। ऐसा करके स्कूल सरेआम सूचना के अधिकार कानून को ठेंगा दिखा रहा है। सूचना न मिलने पर आरटीआई कार्यकर्ता स्कूल के खिलाफ सूचना आयोग में शिकायत दर्ज करवाने का मन बना चुके हैं।
आरटीआई के माध्यम से जो जानकारी मांगी गई थी। वह दे दी गई थी, लेकिन उनके मुताबिक जानकारी पूरी नहीं थी। जिसके चलते 10 हजार रुपये जुर्माना किया गया है।
-एनडी बांगिया, मैनेजर, एसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल।