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स्कूलों की व्यवस्था तार-तार, कहीं शिक्षक नहीं, कहीं जूठे बर्तन साफ करते हैं बच्चे

Tue, 06 Dec 2016 12:16 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल
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स्कूलों की व्यवस्था तार-तार, कहीं शिक्षक नहीं, कहीं जूठे बर्तन साफ करते हैं बच्चे - फोटो : Amar Ujala
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 गांव दुपेड़ी स्थित एक सरकारी स्कूल में मिड डे मील कर्मचारियों की ओर से प्राइमरी के बच्चों से जूठे बर्तन साफ करवाए जाते हैं। इस मामले ने तब तूल पकड़ लिया, जब स्कूल पहुंचे एक अभिभावक ने बर्तन साफ करते बच्चो की वीडियो बना ली। इस पर स्कूल के अध्यापक और मिड डे मील बनाने वाली महिला कर्मचारी भड़क उठे और उसके साथ मारपीट करते हुए मोबाइल तक तोड़ दिया। परिजन का आरोप है कि इस दौरान एक अध्यापक ने उसके साथ मारपीट की और जातिसूचक शब्द तक कहे। इसके बाद पीड़ित ने असंध के एसडीएम सुशील मलिक को इसकी लिखित शिकायत कर दी है।
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बच्चों ने अपने परिजनों को बताया कि स्कूल में अध्यापक उनसे जूठे बर्तन साफ कराते हैं। इस पर सुबह दर्जनों ग्रामीण स्कूल पहुंच गए। वहां उन्होंने अध्यापक सहित बच्चों से बर्तन साफ करवाने वाली मिड डे मील कर्मचारियों को हटाने और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग को लेकर स्कूल में बवाल काटा और नारेबाजी की। इसके बाद मामले की सूचना मिलने के बाद सरपंच गुलजार सिंह भी मौके पर पहुंचे व दोनों पक्षों की बातचीत सुनी। बताया जाता है कि इसमें कर्मचारियों की गलती पाई गई। सरपंच ने मुख्य अध्यापक को उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही। सरपंच ने बताया कि नियमानुसार बर्तन साफ करने का कार्य मिड डे मील बनाने वालों का है। बच्चों से कार्य करवाना गलत है।  

कार्रवाई नहीं हुई तो सड़कों पर उतरेंगे
इस मामले में ग्रामीण संजय कुमार, सुल्तान, विक्की, राकेश, राजेश, दीपक, बिजेंद्र, रिंकू, अजय, रनसिंह, राजू, चांद, मीनू, बसंत आदि ने बताया कि सभी परिजन अपने बच्चों को स्कूल में शिक्षा ग्रहण करने के लिए भेजते हैं, लेकिन यहां पर बच्चों को पढ़ाने की बजाय उनसे बर्तन साफ करवाए जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मारपीट करने और मोबाइल तोड़ने वाले अध्यापक और बच्चों से बर्तन साफ करवाने मिड डे मील बनाने वाली महिला कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। यदि कार्रवाई नहीं की गई तो फिर सभी को सड़कों पर उतरने पर मजबूर होना पड़ेगा।
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पंचायत के दौरान दी पीटने की धमकी
सोमवार सुबह से ही ये मामला काफी गरमा गया था। इसके बाद सरपंच गुलजार सिंह के नेतृत्व में मामले की जांच के लिए पंचायत चल रही थी तभी स्कूल की एक कर्मचारी ने पहली कक्षा में जाकर बच्चों को धमकाते हुए कहा कि यदि किसी ने पंचायत या अपने परिजनों को ये बात बताई कि उससे बर्तन साफ करवाया जाता है तो उसकी पिटाई होगी। इसके बाद कक्षा के दो बच्चों ने सरपंच व परिजनों को ये बात बता दी। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। सरपंच ने भी मौके पर ही मिड डे मील कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश मुख्य अध्यापक को दे दिया।

मामला उनके संज्ञान में नहीं था। अब ग्रामीणों ने उन्हें इस मामले की शिकायत दी है। जल्द ही स्कूल प्रबंधन समिति की बैठक बुलाई जाएगी। इस बैठक में मामले की चर्चा की जाएगी। जो दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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- त्रिलोकी नाथ शास्त्री, मुख्य अध्यापक

मामले की जांच कराई जाएगी।
- डॉ. सुशील मलिक, एसडीएम
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