- सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी को लेकर हुई बैठक में सख्त दिखे एसडीएम
- निजी स्कूल संचालकों को दी हिदायत, बोले- लापरवाही नहीं चलेगी
इंद्री। सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी को लेकर एसडीएम अशोक मुंजाल ने बुधवार को खंड शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में सभी प्राइवेट स्कूल संचालकों की बैठक ली। इस दौरान स्कूल वाहनों की लापरवाही को लेकर एसडीएम सख्त दिखाई दिए। उन्होंने हिदायत दी कि निरीक्षण के दौरान किसी स्कूल वाहन में सरकार द्वारा जारी हिदायतों की अनदेखी पाई गई तो संबंधित स्कूल के खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के अंतर्गत तहत सभी स्कूल बसों में सीसीटीवी कैमरे और महिला सहायक का होना बेहद जरूरी है। बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्कूल बसों में जीपीएस सिस्टम लगा होना चाहिए। बस चालक के पास ड्राइविंग लाइसेंस सहित बस चलाने का कम से कम पांच साल का अनुभव होना आवश्यक है।
बस संचालक के पास स्कूल वाहन का परमिट होना भी अनिवार्य है। बसों में बच्चों की सुरक्षा के लिए नियुक्त किया गया स्टॉफ, कंडक्टर, महिला सहायक पूरी तरह से प्रशिक्षित होने चाहिए। इसके अलावा स्कूल बसों में नियुक्त किया गया, स्टाफ अपनी यूनिफार्म में होना चाहिए। बसों की गति नियंत्रण करने के लिए स्पीड गवर्नर लगे होने चाहिए। स्कूल बस में सभी आवश्यक परमिट, बीमा, पंजीकरण प्रमाणपत्र, प्रदूषण प्रमाण पत्र आदि दस्तावेज पूरे होने के साथ ही बस चालक अनुभवी होना चाहिए। इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी सहित सभी प्राइवेट स्कूल संचालक उपस्थित रहे।