खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में सरकारी स्कूलों के प्रधानाचार्य और मुख्याध्यापकों की बैठक का आयोजन किया गया। खंड शिक्षा अधिकारी जगदीश चंद ने स्कूल प्रमुखों से बच्चों की शिक्षा के बारे में जानकारी हासिल की।
उन्होंने कहा कि स्कूल मुखिया स्कूल में शिक्षा ग्रहण करने वाले पात्र छात्रों के खातों में तीसरे क्वार्टर की प्रोत्साहन राशि डाले जाने की जानकारी उपलब्ध करवाएं।
उन्होंने कहा कि अगर इस संबंध में किसी स्कूल का कार्य लंबित है तो उसे पूरा करने के साथ चौथे क्वार्टर की प्रोत्साहन राशि के लिए मांग भी प्रस्तुत करे।
उन्होंने कहा कि कुछ स्कूलों की ओर से डाक का समय पर जवाब नहीं दिया जा रहा। इससे परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्कूल कलस्टर हेड को समय पर पत्रों का जवाब दें ताकि जवाब अधिकारियों तक प्रस्तुत किया जा सके।
उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में बच्चों को पौष्टिक आहार देने की व्यवस्था के तहत मिड-डे मील को पूरी तरह पौष्टिक और लजीज बनाया जाए।
अगर राशन में किसी भी प्रकार की खामी है तो इसकी जानकारी अविलंब उपलब्ध करवाई जाए ताकि समय रहते उस पर संज्ञान लिया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार और शिक्षा विभाग ने बच्चों के पूरे वर्ष के सतत मूल्यांकन की योजना अमल में लाई है।
बच्चों का शारीरिक और शैक्षणिक तौर पर भी समय-समय पर नियमानुसार मूल्यांकन किया जाना चाहिए ताकि बच्चे के मूल्यांकन की एक स्वस्थ रिपोर्ट तैयार अधिकारियों को समय अनुसार प्रेषित की जा सके।
खंड शिक्षा अधिकारी जगदीश चंद ने बताया कि कलायत खंड में 16 कलस्टर बनाए गए हैं। इनके माध्यम से स्कूल की रिपोर्ट कलस्टर हेड के कार्यालय में जमा करवानी होती है।
बैठक में सरकारी डाक, सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी समय पर उपलब्ध करवाने, बच्चों का समय अनुसार सतत मूल्यांकन करना, मिड-डे मील और प्रोत्साहन राशि कोलेकर विशेष दिशा-निर्देश दिए गए हैं ताकि सरकार और शिक्षा विभाग की ओर से जारी योजनाओं का बच्चों को लाभ मिल सके।