सौर ऊर्जा विभाग ने जिला अस्पताल के बाद पीएचसी में सोलर पॉवर प्लांट लगाने का निर्णय लिया है। इससे अब मरीजों को बिजली के अभाव में परेशान नहीं होना पड़ेगा।
पीएचसी से कई बार बिजली के अभाव में मरीजों को जिला अस्पताल में रेफर करना पड़ता है। ऐसे में अब इसकी जरूरत नहीं पडे़गी।
विभाग की ओर से प्रारंभिक स्तर पर दो पीएचसी के लिए प्रोजेक्ट बनाया गया है। इन पर एक करोड़ से ज्यादा का खर्च आने की उम्मीद है।
जिला अस्पताल के लिए पहले हो चुकी है प्लॉनिंग
इंदिरा गांधी मल्टीस्पेशिएलिटी अस्पताल के लिए पहले ही प्लॉनिंग हो चुकी है। यहां एक करोड़ की लागत से सोलर पॉवर प्लांट लगाया जाना है। जिला अस्पताल के बाद केंद्र और राज्य सरकार के अलावा स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त सहयोग से लगाया जाएगा।
कौल, देवबन सीएचसी और पीएचसी में भी मिलेगी सुविधा
सौर ऊर्जा विभाग के अनुसार अब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवबन में लगभग 60 लाख की लागत से 50 किलोवाट बिजली उत्पादित करने वाला सोलर पॉवर प्लांट लगाया जाएगा।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कौल में 70 किलोवाट की क्षमता का 80 लाख की लागत से सोलर पॉवर प्लांट लगाया जाएगा। अब डिलीवरी, गर्मियों में पंखेें, रात को बिजली गुल होने पर इलाज में परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
बिजली के अभाव में मरीजों विशेषकर महिलाओं को डिलीवरी के लिए जिला अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है। इस प्रोजेक्ट के लगने के बाद ऐसा नहीं करना पड़ेगा और लोगों को अपने निकट के अस्पताल में ही इलाज मिल सकेगा।