माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। एक दिन पहले घरौंडा में ओवरलोड स्कूल वाहन को खंड शिक्षा अधिकारी ने पकड़ा। इसके बाद भी स्कूल संचालकों और परिवहन विभाग के अधिकारियों की नींद नहीं टूटी। स्थिति यह है कि शहर की सड़कों पर विद्यार्थी खतरे भरा सफर तय करते दिखाई देते हैं। कोई ई-रिक्शा पर चालक के साथ आगे बैठा है तो कहीं दो की जगह पर चार विद्यार्थियों को बैठाया है। इसके अलावा निजी वैन से भी विद्यार्थियों को सफर कराया जा रहा है। इनमें भी क्षमता से ज्यादा विद्यार्थियों को बैठाया जा रहा है। सुबह स्कूल जाने का समय हो या दोपहर को छुट्टी के वक्त शहर की हर सड़क पर ऐसा नजारा देखने को मिलता है। बड़ी बात यह है कि ये वाहन आरटीए, एसडीएम कार्यालय व पुलिस चौकी और थानों के आगे से निकलते हैं, इसके बाद भी अधिकारी इन्हें देखकर कार्रवाई करने के बजाय मुंह फेर लेते हैं।
सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के तहत वाहनों की जांच और चालानिंग की जाती है। अनफिट व बिना मानकों के चलने वाले वाहनों को इंपाउंड भी करते हैं। स्कूल संचालकों को भी बच्चों की सुरक्षा के लिए हिदायत दी है। यदि फिर भी लापरवाही हो रही है तो कार्रवाई की जाएगी।
- विजय देसवाल, सचिव आरटीए करनाल