सर्राफा व्यापार पर एक प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी लगाने के विरोध में देश भर के सर्राफा कारोबारी तीन दिवसीय हड़ताल पर हैं। इसका असर कर्ण नगरी के सराफा बाजार पर भी पड़ा है। दूसरे दिन भी जिलेभर में स्वर्णकारों की दुकानें बंद रही। इससे शहर में भी करोड़ों का कारोबार प्रभावित हुआ है। शादी के सीजन में सर्राफा बाजार बंद होने से लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दो दिनों से हड़ताल पर बैठे सर्राफा कारोबारियों ने अब सरकार को मांगे पूरी न होने तक हड़ताल जारी रखने की चेतावनी दे दी है। यदि हड़ताल जारी रही तो इससे लोगों की परेशानियां भी बढ़ सकती हैं।
बृहस्पतिवार को धरना प्रदर्शन पर बैठे सर्राफा कारोबारियों के प्रधान अंशु बंसल ने बताया कि स्वर्णकारों ने ऑल इंडिया ज्वैलरी एसोसिएशन के आह्वान पर तीन दिवसीय हड़ताल की है। उन्होंने कहा कि अब जब तक सरकार उनकी मांग पूरी नहीं करेगी तब तक हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा सर्राफा व्यापार पर एक प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी लगाई है। इसके साथ ही सरकार द्वारा दो लाख रुपये तक सोने की खरीद करने पर पैन नंबर भी अनिवार्य कर दिया है। इससे अब मध्यम दर्जे के व्यापारियों के लिए कारोबार करना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा एक्साइज ड्यूटी लगाकर देश में सराफा बाजार पर इंस्पेक्टरी राज को बढ़ावा देने का काम किया है। यदि सरकार द्वारा इस नियम को बदला नहीं गया तो सराफा कारोबार ठप्प हो जाएगा। इससे देश में लाखों लोगों का रोजगार बंद हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा यदि उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वे अनिश्चित कालीन हड़ताल शुरू करेंगे।
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शादियों के सीजन में बाजार बंद होने से उपभोक्ता परेशान
इस बार अप्रैल तक शादी विवाह के शुभ मुहूर्त होने के कारण सर्राफा बाजार में खरीददारों की भीड़ है। लेकिन दो पिछले दो दिनों से सराफा बाजार बंद रहने से लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। जिलेभर में सर्राफा बाजार बंद रहने से लोगों को परेशानियाें का सामना करना पड़ रहा है।
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जिलेभर में तीन सौ दुकानें रही बंद
हड़ताल के चलते दूसरे दिन भी जिलेभर में स्वर्णकारों की 300 दुकानें बंद रही। व्यापारियों से सरकार द्वारा ब्रांडेड व नॉन ब्रांडेड ज्वैलरी पर लगाई गई एक प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी के विरोध में प्रदर्शन किया। हड़ताल का असर शहर ही नहीं इंद्री, घरौंडा व नीलोखेड़ी, निसिंग, कुंजपुरा व निगदू में भी स्वर्णकारों की दुकानें बंद रही। दो दिनों से सर्राफा बाजार बंद रहने से जिले में करीब सात करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है।
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बाजार की रौनक भी फीकी
सर्राफा बाजार बंद का असर अन्य बाजारों पर भी पड़ा है। बाजार बंद होने की सूचना से अन्य बाजारों में भी उपभोक्ताओं की संख्या कम हो गई है। इससे शहर के सभी बाजारों की रौनक फीकी रही है। फरवरी में जाट आरक्षण आंदोलन के चलते कई दिनों तक जाम रहने के वजह से कारोबार प्रभावित हुआ था। अब मार्च का पहला सप्ताह सर्राफा कारोबारियों की हड़ताल की भेंट चढ़ता दिखाई दे रहा है। इससे उपभोक्ता व व्यापारी दोनो ही परेशान हैं।