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Karnal News: सरकारी स्कूलों में जंग खा रहीं सैनिटरी वेंडिंग मशीनें, विभाग के पास रिकॉर्ड भी नहीं

Fri, 06 Feb 2026 01:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
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राजकीय कन्या मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में लगी डिस्पोजल मशीन
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करनाल। जिले के 178 राजकीय स्कूलों में छात्राओं की स्वच्छता के लिए लगाई गई सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीनें वर्षों से बेकार पड़ी हैं। हालात यह हैं कि एक भी स्कूल में सैनिटरी पैड डिस्पेंसिंग व्यवस्था सक्रिय नहीं है। मशीनें कहीं जंग खा रही हैं तो कहीं भवन मरम्मत के दौरान हट चुकी हैं, लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं।
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स्कूलों में सैनिटरी पैड जैसी बुनियादी सुविधा न होने से छात्राओं को या तो बाहर से पैड लाने पड़ते हैं या फिर असुविधा में पढ़ाई छोड़नी पड़ती है। यह स्थिति सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर दिखाती है। वर्ष 2022 के बाद न तो मशीनों की मरम्मत कराई गई और न ही नई मशीनें लगाई गईं। समय के साथ मशीनें पुरानी होती गईं और आज स्थिति यह है कि जिले के करीब 150 स्कूलों में मशीनें पूरी तरह काम करने की हालत में नहीं हैं।


विभाग ने कहा- मशीनें हमारी नहीं, इसलिए रिकॉर्ड भी नहीं
शिक्षा विभाग का कहना है कि स्कूलों में लगी वेंडिंग मशीनें विभाग की ओर से स्थापित नहीं की गई थीं। ये मशीनें निजी वेंडर्स या सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से लगाई गई थीं। इसी वजह से विभाग के पास न तो मशीनों की संख्या का स्पष्ट रिकॉर्ड है और न ही उनकी वर्तमान स्थिति की जानकारी है। अधिकारियों के अनुसार, यदि मशीनें विभागीय योजना के तहत लगाई जातीं हैं तो उनके लिए बजट और जिम्मेदारी तय होती। रिकॉर्ड के अभाव में मशीनें लावारिस बनी रहीं और धीरे-धीरे सिस्टम पूरी तरह फेल हो गया। कई स्कूलों में भवन नवीनीकरण और मरम्मत के दौरान मशीनें हट गईं। इसके बाद न तो उन्हें दोबारा लगाया गया और न ही रखरखाव की कोई व्यवस्था की गई। बिजली कनेक्शन न होने के कारण भी कई मशीनें शुरू ही नहीं हो सकीं।
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अब 10 दिन में मांगी रिपोर्ट
जिला नोडल अधिकारी सुमित के अनुसार, जिले के सभी 178 राजकीय स्कूलों से गूगल फॉर्म के माध्यम से 10 दिन में स्थिति रिपोर्ट मांगी गई है। इसमें यह जानकारी जुटाई जाएगी कि किस स्कूल में मशीन है, वह चालू है या नहीं और उसकी मौजूदा स्थिति क्या है। इसके बाद एक समग्र रिपोर्ट तैयार कर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

सैनिटरी नैपकिन को प्रयोग करने के बाद उसे सभी स्कूलों में डिस्पोज ऑफ करने वाली मशीनें भी दी गई हैं। जहां पर मशीनें खराब है वहां पर स्कूल प्रिंसिपल के लिए रिपोर्ट करके मरम्मत कराने के बारे में जानकारी दी जाती है।
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- सविता, राज्य नोडल अधिकारी
सभी स्कूलों में छात्राओं को सैनिटरी पैड देने की व्यवस्था है जिसके लिए विभाग के पास स्टॉक है। छात्राओं को परेशानी नहीं आने दी जा रही है।
- रोहतास वर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी
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