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फिलहाल सैनेटरी नैपकिन नि:शुल्क नहीं... तीन कॉलेजों में मशीन नहीं, तीन में बंद पड़ीं

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पंडित चिरंजीलाल शर्मा कॉलेज के पीजी ब्लॉक की वेडिंग मशीन फूंकी हुई। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। सुप्रीम कोर्ट ने स्कूलों में छात्राओं को नि:शुल्क सैनेटरी नैपकिन उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। धरातल पर संसाधन ही नहीं हैं। स्कूलों से एक कदम ऊपर कॉलेजों की स्थिति भी चिंताजनक है। शहर के छह कॉलेजों में से तीन में सैनेटरी नैपकिन मशीन ही नहीं है। तीन में चालू हालत में नहीं है। हालत ये है कि मशीनों में बच्चों ने किताबें लगा दी हैं या गंदगी भरने से डस्टबिन का रूप ले चुकी हैं। छात्राओं और शिक्षिकाओं को नि:शुल्क सैनेटरी नैपकिन की उम्मीद फिलहाल शून्य है।
शहर में छह कॉलेज हैं। इनमें से तीन में सैनेटरी मशीनें हैं ही नहीं। पूछने पर प्रबंधन का कहना है कि फंड आने पर लगाई जाएंगी या फिर किसी संस्था से दान की उम्मीद है। अन्य तीन कॉलेज में मशीनें शॉर्ट सर्किट से जल चुकी हैं। महीनों से मरम्मत नहीं कराई गई। पूछने पर प्रबंधन का कहना था जिन संस्थाओं या कंपनी की ओर से इन्हें लगाया गया था, उनके माध्यम से ही इन्हें ठीक कराया जाएगा।
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छात्राओं और शिक्षिकाओं के अनुसार, कॉलेजों में लगभग पांच साल पहले सैनेटरी पैड वेंडिंग मशीनें लगाई गई थीं। लगाने के बाद इन मशीनों की कभी मरम्मत नहीं की गई। देखरेख न होने से मशीनें बंद हो गईं।




शिक्षिकाएं करती हैं छात्राओं की मदद

छात्राओं ने बताया कि जरूरत पर यह मशीन काम ही नहीं आती। शिक्षिकाएं मदद करती हैं। शिक्षिकाओं ने बताया कि आवश्यकता पड़ने पर वह अपने पास से छात्राओं को पैड उपलब्ध कराती हैं। संस्थान की ओर से इस बारे में कोई मदद नहीं की जाती।


ये बोलीं छात्राएं
तुरंत मरम्मत कराएं

महिला कॉलेज की छात्रा मीनाक्षी ने बताया कि जरूरत पर हिम्मत करके शिक्षिकाओं से मदद लेनी पड़ती है। सोचने की बात है कि वह भी हर युवती की मदद तो नहीं कर सकेंगी। वेंडिंग मशीनें इसी वजह से लगाई गई थीं कि किसी को झिझक महसूस न हो, सरकार और कॉलेज प्रशासन को इनकी मरम्मत तुरंत करवानी चाहिए।

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बाहर जाना पड़ता है

छात्रा नवजोत ने बताया कि कॉलेज में वेंडिंग मशीन लगी तो जरूर हैं लेकिन जब से दाखिला लिया है तब से मशीन को चलते नहीं देखा। अचानक जरूरत पड़ जाए तो बाहर दुकान तक जाना पड़ता है। गर्मी हो या सर्दी, इमरजेंसी में बाहर जाना हमें असुरक्षित भी महसूस कराता है।

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दो साल से बंद पड़ी है
छात्रा कोमल ने बताया कि वह द्वितीय वर्ष में हैं। उन्होंने अब तक काॅलेज में इस मशीन को कभी उपयोग करके नहीं देखा। यह तब से बंद पड़ी हुई है। जरूरत पड़ने पर शिक्षिकाओं की मदद लेते हैं या बाहर जाकर पैड लाते हैं। मशीन की समय-समय पर मरम्मत होनी चाहिए।
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हेल्पलाइन नंबर भी हो

छात्रा निशा ने सुझाव दिया कि मशीन को उपयोग करने का हेल्पलाइन नंबर दिया जाए ताकि किसी को यदि जानकारी नहीं है तो वह उस नंबर की मदद से जानकारी ले सके। यदि मशीनें सही होंगी तो इससे स्वच्छता का भी ध्यान रखा जाएगा।




कॉलेज प्रबंधन ने कहा, जल्द ठीक कराएंगे

- राजकीय कन्या महाविद्यालय रेलवे रोड के प्राचार्य डाॅ. विवेक रंगा ने कहा कि पहले काॅलेज स्तर पर मशीनों की जांच की जाएगी। खराब निकलती हैं तो ठीक कराया जाएगा।

- खालसा काॅलेज के प्रवक्ता डाॅ. बीर सिंह ने कहा कि मशीनों को नगर निगम की ओर से लगवाया गया था। अगर मशीनें खराब हैं तो जल्द ही उन्हें ठीक करवा दिया जाएगा।
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- पंडित चिंरजीलाल शर्मा राजकीय काॅलेज की प्राचार्य डॉ. रेखा त्यागी ने कहा कि काॅलेज में मशीनें सुचारु रूप से संचालित हो रही हैं अगर कोई मशीन खराब भी है तो मरम्मत कराएंगे।

पंडित चिरंजीलाल शर्मा कॉलेज के पीजी ब्लॉक की वेडिंग मशीन फूंकी हुई। संवाद

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