करनाल। जिले में नौकायन का खेल वर्ष 2005 में शुरू हुआ था। उस समय करीब 60 खिलाड़ी थे। प्रशासनिक अधिकारी अशोक लवासा ने नौकायन को आगे बढ़ाया। आज इस खेल के 150 खिलाड़ी हैं। अब तक करीब 300 खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत चुके हैं। 50 खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम चमका चुके हैं।
वर्ष 2005 में जब कर्ण लेक पर अभ्यास शुरू हुआ तो पंजाब से इंद्रजीत सिंह व सोनीपत से मनोज कुमार को कोच नियुक्त किया गया। अब नौकायन के मुख्य कोच परवीन हैं। वह करनाल के निवासी ही हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2007 में उन्होंने खिलाड़ी के रूप में शुरुआत की थी। कर्ण लेक पर अभ्यास होता था। कोच इंद्रजीत सिंह ने उनको भाखड़ा नहर पर अभ्यास कराना शुरू किया। क्योंकि नहर पर पानी खेल के लिए एकदम सही था।
परवीन ने बताया कि वर्ष 2012 में उन्हें कोच नियुक्त किया गया। तत्कालीन कोच इंद्रजीत का चयन पंजाब पटियाला यूनिवर्सिटी में हो गया था। उन्होंने बताया कि इस समय जिले से करीब 150 खिलाड़ी अभ्यास करते हैं। अब तक 50 खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय और 300 खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में पदक जीत चुके हैं।
वर्ष 2016 में उन्होंने जिले की एक अलग कमेटी बनाकर गुरु गोरख नाथ वाटर क्लब की शुरुआत की। इसमें उनका साथ डाॅ. हितु सिंह, राहुल सिंह, अनिल कुमार व मोहन लाल ने दिया। संवाद
इन खिलाड़ियों ने कायम की मिसालनौकायन में जिले से 3 खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर मिसाल कायम की है। खिलाड़ी निशा ने 2021 में आयोजित एशियन चैंपियनशिप में कांस्य पदक अपने नाम किया। 2025 में आयोजित विश्व कप में वंशिका ने रजत व कांस्य और आदि ने कांस्य पदक अपने नाम किया था।
तीन साल तक लगातार जीता स्वर्ण पदक
कोच परवीन ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2012 से 2016 तक राष्ट्रीय स्तर पर लगातार स्वर्ण पदक अपने नाम किया। बुढ़नपुर गांव के सरपंच राम जुआरी ने उनको पंचायत की जमीन पर खेल नर्सरी शुरू करने के लिए कहा है।