सुखदेव चाैहान
करनाल। कर्ण नगरी की 11 वर्षीय आरवी मदान ने ताइक्वांडो में छोटी उम्र में ही पहचान बनाई है। उसने अब तक जिला स्तर पर एक स्वर्ण व दो रजत, प्रदेश स्तर पर एक स्वर्ण, एक रजत व राष्ट्रीय स्तर पर दो रजत पदक जीते हैं।
पिता सचिन मदान शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि जब आरवी ने ताइक्वांडों खेलना शुरू किया तो उसकी उम्र महज आठ वर्ष थी। उसकी प्रतिभा को एसके मार्शल आर्ट्स फाउंडेशन के संचालक अंतरराष्ट्रीय कोच मास्टर सतीश कुमार राणा ने पहचाना। आरवी की प्रतिभा को तराशने में उनके कोच सतीश राणा का मुख्य योगदान रहा।
सचिन मदान ने बताया कि आरवी की बचपन में तैराकी और बैडमिंटन में रुचि थी। वर्ष 2022 में ताइक्वांडो का अभ्यास करते हुए खिलाड़ियों को देखा तो उनके मन में जिज्ञासा हुई कि वह भी इस खेल का अभ्यास करेगी। ताइक्वांडो के प्रति आरवी की गहरी रुचि व लगाव के कारण वह जल्द इस खेल को समझ गई। अभ्यास के बाद प्रथम वर्ष से ही आरवी ताइक्वांडो में मेडल लेकर आने लगी। आरवी का मुख्य लक्ष्य ओलंपिक में देश के लिए पदक लाना है।
आरवी की उपलब्धियां-
- करनाल कप 2022 में स्वर्ण पदक जीता।
- जिला स्तरीय ताइक्वांडो चैंपियनशिप 2023 में रजत पदक जीता।
- राज्य स्तरीय ताइक्वांडो चैंपियनशिप 2023 अंबाला में कांस्य पदक।
- करनाल कप 2024 में रजत पदक जीतकर जिले का नाम रोशन किया।
- ताइक्वांडो चैंपियनशिप 2025 कुरुक्षेत्र में रजत पदक प्राप्त किया।
- राज्य स्तरीय ताइक्वांडो चैंपियनशिप 2025 सिरसा में स्वर्ण पदक।
- राष्ट्रीय ताइक्वांडो चैंपियनशिप 2025 कटक, ओडिशा में कांस्य पदक।