अंबाला। लगभग 16 साल की जद्दोजहद के बाद आरपीएफ कर्मचारी की विधवा पत्नी को भविष्य निधि का रुका पैसा मिल गया है। अभी ब्याज के पैसा मिलना शेष है। हाईकोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए रेलवे को नोटिस जारी हुआ तो 16 साल से रोककर रखी भविष्य निधि की 90 हजार 932 रुपये की राशि का भुगता कर दिया गया।
डीएमडब्ल्यू पटियाला में तैनात आरपीएफ के सिपाही महेंद्र सिंह की पत्नी कुलदीप कौर ने बताया कि उसके पति की मौत काम के दौरान 19 मार्च 2007 को हो गई थी। मृत्यु के बाद उसके पति की भविष्य निधि जमा राशि 31 माई 2007 को ब्याज सहित 90,923 रुपये थी। रेलवे ने न तो इस राशि का भुगतान किया और न ही राशि को रोकने से संबंधित कोई संतोषजनक जानकारी इन 16 वर्षों में विधवा पत्नी को उपलब्ध कराई।
जब मामला उत्तर रेलवे कर्मचारी यूनियन के पूर्व मंडल सचिव धर्मपाल के संज्ञान में आया तो उन्होंने विधवा महिला को हरसंभव मदद करने का आश्वासन दिया। इसके बाद रेलवे के साथ कई बार पत्राचार भी किया गया, लेकिन कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला। फिर केंद्रीय सरकार के औद्योगिक ट्रिब्यूनल के अधिवक्ता विक्की लहरी पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट के मार्गदर्शन में केस नंबर एलसीए 41/2022 16 दिसंबर 2022 को फाइल किया गया। कोर्ट नोटिस जारी होते ही रेलवे ने 31 मार्च 2007 तक बनी राशि 90.923 रुपये का भुगतान कर दिया है जबकि 31 मार्च 2022 तक बने ब्याज लगभग ढाई लाख रुपये की आगामी पेशी 15 नवंबर 2023 से पूर्व मिलने की उम्मीद है।