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आस्ट्रेलिया में गिरफ्तार युवक को स्वदेश लाने को रोड़ विरादरी सड़कों पर उतरी

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आस्ट्रेलिया में करनाल के युवक विशाल जूड की रिहाई के लिए रोड़ महासभा मंगलवार को सड़कों पर उतरी। बैठक के बाद रोड़ धर्मशाला से नारेबाजी कर जुलूस की शक्ल में सदस्य भाजपा कार्यालय पहुंचे और सांसद संजय भाटिया को ज्ञापन सौंपकर उसे स्वदेश लाने की मांग की। विशाल ने आस्ट्रेलिया में खालिस्तान समर्थकों के बीच तिरंगा लहराकर हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए थे। इस पर उससे मारपीट कर उसे वहां जेल में डाल दिया गया।
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रोड़ धर्मशाला में हुई बैठक में प्रधान चौधरी नसीब सिंह कारसा ने बताया कि घरौंडा इलाके के कल्हेड़ी गांव निवासी (हाल निवासी कुरुक्षेत्र) नाथी राम के पुत्र विशाल जूड एजूकेशन वीजा पर 2017 में आस्ट्रेलिया गया था। किसान आंदोलन के समर्थन में किए गए विरोध प्रदर्शन में खालिस्तान समर्थकों ने उसके साथ मारपीट की। बाद में उसे जेल भेज दिया गया। उसकी रिहाई की सभी ने मांग की।
बैठक के बाद सभी लोग जुलूस की शक्ल में हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए हुए भाजपा कार्यालय पहुंचे। सांसद संजय भाटिया को ज्ञापन सौंपकर विशाल जूड की रिहाई कराकर स्वदेश लाने की मांग की। प्रदर्शन में चौधरी नसीब सिंह कारसा, उपाध्यक्ष राज कुमार, ईलम सिंह, अंशुल एडवोकेट, जोगेंद्र सिंह, वीरेंद्र अहर (जीबीएसयू), धर्मबीर सीकरी, वीर सिंह, हिमांशु, सागर साकरा आदि शामिल रहे।
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जहां भी बात करनी होगी करेंगे, विशाल को स्वदेश लाएंगे
सांसद संजय भाटिया ने रोड़ महासभा को आश्वस्त किया कि वह राजनीतिक और व्यक्तिगत स्तर पर विदेश मंत्रालय व जहां भी जरूरत होगी, बात करेंगे। जैसे भी संभव होगा, विशाल जूड को रिहाकर स्वदेश लाने का हर संभव प्रयास करेंगे। विशाल हिंदुस्तान का बच्चा है, उसे कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। इसके बाद यहां लोगों ने सांसद जिंदाबाद के भी नारे लगाए।
ब्राह्मण सभा ने भी रिहाई के लिए भरी हुंकार
करनाल। विशाल की रिहाई के लिए करनाल ब्राह्मण सभा ने भी हुंकार भरी है। सभा के जिला प्रधान सुरेंद्र शर्मा बड़ौता ने एलान किया कि विशाल के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विशाल ने देश विरोधी ताकतों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की है। मांग की कि उसे स्वदेश लाने की प्रक्रिया शुरू की जाए। इस दौरान उपप्रधान बृजभूषण कोयर, राहुल बाली, एडवोकेट कविता, महासचिव सुशील, फकीरचंद, एडवोकेट राजेश शर्मा, राजेश मौजूद रहे।
मामला
26 जनवरी को किसानों के आंदोलन के दिन आस्ट्रेलिया में भी प्रदर्शन किए गए। वहां कुछ लोगों ने खालिस्तान के समर्थन और भारत के खिलाफ नारे लगाए। यह देख वहां मौजूद विशाल को गुस्सा आ गया। उसने तिरंगा लहराते हुए हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। तब खालिस्तान समर्थकों ने उसके साथ मारपीट की। बाद में उसे गिरफ्तार कर 23 अप्रैल को जेल भेज दिया गया।
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