करनाल। परिवहन विभाग व डीआईजी ट्रैफिक एंड हाईवे की तरफ से बुधवार को भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान में सड़क सुरक्षा में नागरिक दायित्व विषय पर जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में शुरूआत समिति की तरफ से सड़क दुर्घटना का नाट्य रूपांतरण प्रस्तुत कर रोड सेफ्टी के प्रति लोगों को जागरूक किया गया। नाटक की बेहतरी प्रस्तुती ने दर्शकों को झकझोर दिया।
कार्यक्रम में मुख्यातिथि आरटीए सचिव प्रद्युम्मन सिंह और विशिष्ट अतिथि सीएमओ डॉ. संतलाल वर्मा व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सरोज बाला गुर रही। वहीं, कार्यक्रम की अध्यक्षता डीडब्ल्यूआर के निदेशक डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह व संचालन शुरूआत समिति के संयोजक राजीव रंजन ने की। कार्यशाला में प्रस्तावना रखते हुए सीएमओ डॉ. संतलाल वर्मा ने कहा कि सड़क दुर्घटना का प्रथम एक घंटा सबसे अहम होता है।
हर नागरिक का दायित्व है कि वह सड़क दुर्घटना पीड़ित को नजदीकी अस्पताल तक पहुंचाये। वहीं, कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के डॉ. सुंदर गोयल ने कहा कि दुर्घटना के तुरंत बाद फर्स्ट एंड से 80 प्रतिशत जिंदगी को बचाया जा सकता है। इसलिए सभी को प्राथमिक चिकित्सा का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सरोज बाला गुर ने कहा कि बचपन को दुर्घटना का भय सता रहा है। इसलिए स्कूलों में यातायात शिक्षा को अनिवार्य करना होगा। आरटीए सचिव ने कहा कि 9 जनवरी से 15 जनवरी 2017 को पूरे भारत में सडक़ सुरक्षा सप्ताह मनाया जा रहा है।
सड़क सुरक्षा समाज का विषय : डॉ. जीपी सिंह
डीडब्ल्यूआर के निदेशक डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि सड़क सुरक्षा समाज के सभी वर्गों का विषय है। प्रकृति ने हमें जो जीवन दिया है, इससे बड़ा कोई उपहार नहीं है और इस उपहार को हमारा समय बिना किसी कारण के गंवा रहा है। मंच संचालन करते हुए राजीव रंजन ने कहा कि परिवहन विभाग की पहल पर ट्रैफिक एवं हाइवे के डीआईजी शिवास कविराज के नेतृत्व में सड़क सुरक्षा चेतना यात्रा-2017 का शुभांरभ हुआ है। यह यात्रा प्रदेश के सभी जिलों से गुजरती हुई समाज के सभी वर्गों से सांस्कृतिक अपील करेगी। इस अवसर पर प्रधान वैज्ञानिक डॉ. अनुज कुमार, वरिष्ठ अधिकारी प्रदीप, ईशा, चिनार एवं प्रधान वैज्ञानिक डॉ. आरके गुप्ता, डॉ. रतन तिवारी, डॉ. सत्यवीर सिंह, राजेंद्र शर्मा सहित सैकड़ों वैज्ञानिक शोधार्थी अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।