कांग्रेस के नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला के मंडी में धान खरीद के दौरान करीब
चार हजार करोड़ का घोटाला होने के आरोपों से राजनीति गरमा गई हैस वहीं
राइस मिलर्स एसोसिएशन भी इसके विरोध में आकर खड़ी हुई है। मिलर्स एसोसिएशन
ने किसी भी तरह के घोटाले से इंकार करते हुए सुरजेवाला पर झूठे आंकड़े पेश
करने का आरोप लगाया है।
रविवार को एक होटल में हुई हरियाणा राइस मिलर्स
एंड डीलर्स एसोसिएशन की बैठक में सुरजेवाला के घोटाले के बयान को लेकर
चर्चा की गई व बाद में प्रेस से मुखातिब राइस मिलर्स ने किसी भी तरह के
घोटाले से इंकार करते हुए दावा किया कि मंडियों में खरीद सरकार के
निर्धारित रेट पर हुई है। एसोसिएशन के कार्यवाहक अध्यक्ष जयपाल जैन ने कहा
कि कांग्रेस पार्टी द्वारा जो आरोप लगाए जा रहे हैं, यह सरासर गलत है।
इसमें मिलर्स का कुछ लेना-देना नहीं है, घोटाले के आरोप लगाए जा रहे है
बिल्कुल निराधार हैं। मंडियों में किसानों और आढ़तियों की सहमति से धान
खरीद की है। जयपाल जैन ने दावा किया कि 1450 रुपये सरकारी खरीद के हिसाब से
किसानों को जे फॉर्म दिए गए हैं। जहां तक मिलर्स की बात है तो मिलर्स ने
सरकार को खरीदे गई चावल का 68 प्रतिशत चावल देना और इसके बदले 15 प्रतिशत
लेबर लेनी है।
इससे ज्यादा उनका कोई लेना देना नहीं है। अगर कोई धान
निर्धारित रेट से कम बिकी है तो इसके पीछे ज्यादा नमी कारण हो सकता है।
गौरतलब है कि शनिवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने
प्रेस कान्फ्रेंस कर कहा था कि खट्टर सरकार में धान खरीदी को लेकर एक बड़ा
घोटाला हुआ है। इसमें अधिकारियों की मिलीभगत से करीब चार हजार करोड़ का
गोलमाल किया है। इस अवसर पर एसोसिएशन के कार्यवाहक महासचिव विनोद गोयल,
राजेंद्र सिंगला, राजेंद्र अग्रवाल, नरेश बंसल, राजकुमार गुप्ता, दिवान
चंद, संजीव, सुरेंद्र गुप्ता आदि मौजूद रहे।
कोट
भाजपा राज में
सरेआम किसानों को लूटा गया है। प्रदेश की किसी भी मंडी में किसानों को
बख्शा नहीं गया। यह सब अधिकारियों की मिलीभगत से किया गया है। वह अपने बयान
पर कायम हैं और प्रदेश में करीब 4200 करोड़ रुपये का धाना घोटाला हुआ है,
इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
रणदीप सिंह सुरजेवाला, कांग्रेस नेता।