बहस करते राइस मिलर्स और आढ़ती।
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शेलर मालिकों और आढ़तियों के बीच किसानों की धान की खरीद को लेकर रविवार को तनातनी हुई। नई अनाज मंडी में आए मुंढोगढ़ी निवासी पलविंद्र सिंह, पबाना निवासी शमशेर ने कहा कि उनके धान में 16 से 17 प्रतिशत नमी है। वे दो दिन से मंडी में धान लेकर आए हैं, लेकिन खरीदी नहीं जा रही है। धान बेचने के लिए वे आढ़ती और शेलर मालिकों के पास धक्के खा रहे हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। उन्होंने बताया कि इस मामले का लेकर वे सरकारी एजेंसी से मिलना चाहते थे, लेकिन उनका कोई ठिकाना नहीं मिला।
मामला मीडिया के संज्ञान में आने के बाद मार्केट कमेटी के सचिव नरेश मान मौके पर पहुंचे और सरकारी एजेंसियों से संपर्क साधा। इसके बाद मौके पर पहुंचे सरकारी एजेंसी के अधिकारी ने सचिव को जवाब दिया कि उन्होंने धान खरीदने की जिम्मेदारी शेलर मालिकों को सौंपी हुई है। इससे किसानों में अधिकारियों के प्रति रोष दिखाई दिया। मामला बढ़ता देख आढ़ती और किसान एकत्र हो गए। लगभग आधे घंटे तक आढ़तियों और शेलर मालिकों में धान खरीदने को लेकर तनातनी चलती रही। किसानों का कहना है कि मंडी में किसानों की जेब धान में नमी और सफाई के नाम पर जेब काटी जा रही है। दो-दो दिन तक धान नहीं खरीदा जा रहा है।
उधर, शेलर मालिकों का कहना कि आढ़ती धान की झरने से सफाई नहीं करवाते। इससे धान की खरीद करने में परेशानी आ रहा है।
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मंडी की सभी पलेटियां अलग-अलग शेलर मालिकों को धान खरीदने की जिम्मेदारी सौंपी हुई है। शेलर मालिकों की ओर से धान न खरीदने का मामला संज्ञान में अभी आया है। जो शेलर मालिक धान नहीं खरीदेगा, उसकी खरीद रद्द कर दी जाएगी।
- जसबीर सिंह, अधिकारी, वेयर हाउस
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धान न खरीदने की शिकायत मिली थी। मौके पर जाकर मामले की जांच की और सरकारी एजेंसियों के अधिकारियों को बुलाकर धान खरीदने की बात कही है। इसके बाद किसानों की धान खरीदी गई।
- नरेश मान, सचिव, मार्केट कमेटी