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हेराफेरी मामले में राइस मिल सील

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जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति नियंत्रक निशांत राठी के निर्देश पर विभागीय टीम ने करीब 3.25 करोड़ रुपये के सीएमआर की हेराफेरी करने के मामले में तरावड़ी के अक्षर ओवरसीस राइस मिल को बुधवार को सील कर दिया है। आरोपी मिलर्स व उसके चार गारंटरों जिसमें दो आढ़ती व दो राइस मिलर्स शामिल हैं) के खिलाफ पहले ही धोखाधड़ी की रिपोर्ट लिखाई जा चुकी है।
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एफएसओ निर्दोष डांगी, राजीव लागयान ने बताया कि अक्षर ओवरसीज तरावड़ी को 2014-15 में 18980.85 क्विंटल धान सीएमआर के लिए दिया था। कुल 12717.17 क्विंटल चावल देना था लेकिन मिल ने 2424.67 क्विंटल चावल ही एफसीआई को लौटाया। 10292.50 क्विंटल चावल जिसकी कीमत 32561937 रुपये की हेराफेरी कर ली। मिल मालिक रोहित सेठी व उसके गारंटर अजय गोयल, लक्ष्मण दास, नवीन चोपड़ा व प्रदीप गुप्ता के खिलाफ 30 सितंबर-2015 को एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है लेकिन अभी तक सरकारी धन की अदायगी नहीं की गई है। अब राइस मिल को नीलाम करके सरकारी धन की रिकवरी की जाएगी। राइस मिल के अंदर जितनी भी दुकानें और गेट थे, सभी पर ताले लटका दिए गए। संपत्ति को विभाग ने कब्जे में ले लिया है।
नौ करोड़ की हेराफेरी के आरोपी तीन मिलों पर बैंक कर चुका कब्जा
निसिंग। निसिंग स्थित डीएफएससी की एक टीम सीएमआर में करोड़ों रुपये की हेराफेरी करने वाले राइस मिलों को सील कर कब्जे में लेने के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार रामकुमार के साथ पहुंची। इससे पहले ही तीनों मिलों पर पहले ही बैंकों का कब्जा मिला। इसके बाद टीम लौट आई।
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खाद्य एवं पूर्ति निरीक्षक समीर वशिष्ठ, इंद्रपाल संधू व राजेश आदि की सहभागिता में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की टीम ड्यूटी मजिस्ट्रेट के साथ निसिंग पहुंची। यहां के तीन मिलों ने सीएमआर में करीब नौ करोड़ की हेराफेरी की है। एफआईआर भी कराई जा चुकी है। लेकिन टीम पहुंची तो वहां बैंक के सुरक्षा गार्ड्स तैनात थे। डीएफएससी निशांत राठी ने बताया कि संपत्तियों को बैंक द्वारा पहले ही सील किए जाने की जानकारी विभागीय उच्चाधिकारियों को देंगे। उनके आदेश के बाद ही अगली कार्रवाई की जाएगी।
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