पांच दिन में आधे से ज्यादा राइस मिलों का भौतिक सत्यापन पूरा, रविवार तक निदेशक को भेजी जाएगी रिपोर्ट
40 विशेष टीमें स्टॉक का कर रहीं निरीक्षण, जायज कारण मिलने पर मिलों को चावल लौटाने के लिए मिलेगा अतिरिक्त समय
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। जिले में सरकारी धान और चावल के स्टॉक की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए चलाए जा रहे विशेष सत्यापन अभियान ने रफ्तार पकड़ ली है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निर्देश पर गठित 40 विशेष टीमों ने महज पांच दिनों में जिले की 237 में से आधे से अधिक राइस मिलों का भौतिक सत्यापन पूरा कर लिया है। अभियान के तहत मिलों में उपलब्ध धान और चावल के स्टॉक का रिकॉर्ड से मिलान किया जा रहा है। अधिकारियों का लक्ष्य रविवार तक जिले की सभी राइस मिलों का निरीक्षण पूरा कर रिपोर्ट खाद्य एवं आपूर्ति निदेशक को भेजना है।
विशेष टीमें प्रत्येक राइस मिल में पहुंचकर सरकारी रिकॉर्ड, स्टॉक रजिस्टर और मौके पर उपलब्ध धान-चावल का भौतिक मिलान कर रही हैं। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि मिलों को सरकारी एजेंसियों द्वारा दिया गया धान नियमानुसार प्रोसेस कर निर्धारित मात्रा में चावल वापस किया गया है या नहीं। निरीक्षण के दौरान किसी भी प्रकार की कमी, रिकॉर्ड में अंतर या अनियमितता मिलने पर उसकी सूचना तुरंत मुख्यालय को भेजी जा रही है, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
खाद एवं आपूर्ति विभाग के नियंत्रक मुकेश कुमार ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य केवल गड़बड़ियां पकड़ना नहीं, बल्कि वास्तविक स्थिति का आकलन करना भी है। अगर किसी मिल के पास चावल लौटाने में देरी का वाजिब कारण पाया जाता है, जैसे तकनीकी खराबी, मशीनों में दिक्कत या अन्य उचित परिस्थितियां, तो ऐसे मामलों में नियमानुसार अतिरिक्त समय देने पर भी विचार किया जाएगा। इससे ईमानदारी से कार्य कर रही मिलों को राहत मिलेगी, जबकि जानबूझकर नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।