फरीदपुर के पास रेत की खुदाई के दौरान शिवलिंग और नंदी की मूर्ति मिली है। खुदाई के दौरान शिवलिंग और नंदी की मूर्ति मिलने की खबर मिलते ही दर्शनों के लिए ग्रामीण उमड़ पड़े। ग्रामीण इनको कई सौ साल पुराना बता रहे हैं। जमीन की खुदाई के दौरान शिव-नंदी की मूर्तियां मिलने की घटना को अपने गांव का सौभाग्य बता रहे हैं। खुदाई में शिवलिंग और नंदी की मूर्ति मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन भी मौके पर पहुंचा।
रविवार देर रात फरीदपुर गांव के पास पोपलेन से रेत की खुदाई का काम चल रहा था। इसी दौरान पोपलेन चालक को रेत में पत्थर दिखाई दिया। जब वह मशीन से उतरकर इस पत्थर के पास पहुंचा और थोड़ा रेत हटाया तो शिवलिंग देख हैरान रह गया। इतना ही नहीं शिवलिंग के साथ नंदी की प्रतिमा भी मिली। इसके अलावा शिव-नंदी के साथ मंदिर के कई-कई फुट ऊंचे स्तंभ भी मिले हैं। कुछ लोग शिव-नंदी और स्तंभ को ट्रक में लोड कर चरखी दादरी की तरफ ले जाने लगे। जैसे ही युवा क्लब फरीदपुर के सदस्यों को शिव-नंदी को गाड़ी में लोड कर ले जाने की सूचना मिली तो उन्होंने खदान के लोगों से गाड़ी की जानकारी हासिल की। बाद में क्लब के सदस्य गाड़ी का पीछा करते इसराना तक पहुंचे और गाड़ी के बारे में पूछताछ की। बताया जा रहा है कि गाड़ी इसराना से लगभग सात किलोमीटर दूरी पर पकड़ी गई।
क्लब के सदस्य सुनील कुमार, देसराज कश्यप, रतन सिंह, विजय धीमान, बिजेंद्र धीमान, देवी सिंह ने बताया कि इसराना से शिव परिवार को सीधे यमुना में ले जाया गया। वहां पर शिव-नंदी को विधि विधान के साथ स्नान करवाया गया। बाद में क्लब के सदस्य शिव-नंदी को थ्री व्हीलर में गांव लेकर पहुंचे।
श्रद्धालुओं ने की पूजा अर्चना
जैसे ही ग्रामीणों को शिवलिंग और नंदी की मूर्ति निकलने की सूचना मिली तो भारी संख्या में ग्रामीण दर्शनों के लिए पहुंच गए। श्रद्धालुओं ने शिव-नंदी की पूजा अर्चना की। पूरा गांव भोले बाबा के जयकारों से गूंज उठा। ग्रामीण महिला शुगनी देवी और रानी का कहना है कि उनके गांव की सीमा में शिव-नंदी का मिलना बहुत ही शुभ है। भगवान शिव की कृपा उनके गांव पर बनी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि उस जगह की सहीं तरीके से खुदाई व जांच करवाई जाए तो ओर भी सामान मिलने की उम्मीद है।
पुरातत्व विभाग को सौंपी जाएंगी शिवलिंग और नंदी की मूर्ति
एसडीएम के निर्देश पर बीडीपीओ प्रेम सिंह के नेतृत्व एक टीम गांव में पहुंची और शिव-नंदी को अपनी देखरेख में लेने का प्रयास किया। एसडीएम गौरव कुमार ने बताया कि सरपंच ने खदान से शिव शिव-नंदी की मूर्तियां मिलने की सूचना दी थी। बीडीपीओ के नेतृत्व में एक टीम गांव में भेजी गई थी। ग्रामीणों ने शिव-नंदी की मूर्तियां प्रशासन को नहीं सौंपी हैं।