संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। बारिश होने से सतलुज यमुना लिंक व पश्चिम यमुना का जलस्तर बढ़ गई है। इससे अब किसानों को ज्यादा पानी मिल रहा है। पानी की उपलब्धत धान की रोपाई के लिए सही मानी जा रही है।
इस बार मई में ही हुई तेज बरसात ने पिछले 15 साल का रिकॉर्ड तोड़ा है। वहीं पिछले एक माह से पंजाब से हरियाणा में आने वाले पानी की कम मात्रा का संकट भी अब कम हुआ है। एक सप्ताह पहले यह जलस्तर 1500 क्यूसेक था। तीन दिन पहले यह बढ़कर 2500 हो गया। वहीं बारिश के कारण सतलुज यमुना लिंक व पश्चिम यमुना में जलस्तर 5800 क्यूसेक तक पहुंच गया है।
सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि करनाल में मांग के अनुसार जलापूर्ति अब सही आ रही है। वहीं इस स्तर तक पानी की उपलब्धता लोगों के इस्तेमाल व धान की रोपाई में किसानों के लिए सही मानी जा रही है। मूनक हेड में भी पानी का स्तर व बहाव ठीक आ रहा है।