करनाल। शहर के सेक्टर-4 में रामलीला सभा की ओर से दशहरा पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान 70 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। 22 धार्मिक झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। रावण दहन से पहले रावण की लंका को जलाया गया। रामलीला मैदान में रावण वध देखने के लिए दोपहर 12 बजे से ही भीड़ उमड़ने लगी। शाम 4 बजकर 30 मिनट पर भगवान श्रीराम और रावण के बीच युद्ध शुरू हुआ तो रामलीला मैदान में पांव रखने की जगह नहीं बची। भगवान राम ने जैसे ही रावण के नाभिकुंड में तीर मारा रावण का विशालकाय पुतला धू-धू कर जलने लगा। रावण के साथ मेघनाथ व कुंभकरण का भी पुतला दहन किया गया।
दशहरा पर्व के दौरान जैसे ही रावण का पुतला जला तो दर्शकों की भीड़ रावण की आस्थियां उठाने के लिए दौड़ पडी। हालांकि किसी भी अनहोनी से बचाव के लिए पुलिस प्रशासन सतर्क नजर आया। दर्शक रावण की अस्थियां लेकर अपने घर की ओर लौट गए।
चप्पे-चप्पे पर रहा पुलिस का पहरा
दशहरा पर्व आयोजन के दौरान चप्पे-चप्पे पर पुलिस का पहरा रहा। इस दौरान 500 पुलिस कर्मी तैनात रहे। आने-जाने वाले लोगों की चेकिंग हुई। पुलिस की टीम सिविल वर्दी में भी दर्शकों के बीच में मौजूद रही। दशहरा मैदान में भारी भीड़ होने पर भी सुरक्षा के सभी पुख्ता इंतजाम रहे। दशहरा ग्राउंड से थोडी दूरी पर वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था भी सही रहीं। रावण दहन होने के तुरंत बाद लोग अस्थियां लेकर जैसे ही अपने घरों के लिए निकले तो नेशनल हाइवे 44 पर जाम की स्थिति से निपटने लिए पुलिस मुस्तैद नजर आई।