करनाल। राशन डिपो एसोसिएशन करनाल की डॉ. मंगलसेन ऑडिटोरिटम में बैठक हुई। डिपो संचालकों ने विभागीय अव्यवस्था और चार माह से कमीशन नहीं देने पर नाराजगी जताई। इस बारे में मुख्यमंत्री से मिलने का निर्णय लिया गया।
उपभोक्ता को राशन गेहूं, तेल और चीनी के लिए अलग-अलग अंगूठा लगवाने के आदेश का भी उन्होंने विरोध किया। उनका कहना था कि मशीनें चलती ही नहीं हैं।करनाल जिले में करीब 945 राशन डिपो हैं। राशन वितरण अब ऑनलाइन हो चुका है। वितरण संबंधी कई दिक्कतें हैं। राशन डिपो संचालकों ने सोमवार को जिला प्रधान गौरव शर्मा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय बैठक की। इसमें राशन डिपो संचालकों ने कहा कि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने राशन डिपो पर पॉस मशीनें पुरानी दे रखी हैं। संचालन में दिक्कतें आ रही हैं। मशीन को ठीक कराने का खर्च भी डिपो संचालकों से लिया जाता है। ऐसे में बार-बार अंगूठा कैसे लगवाया जाए।
जिला प्रधान ने कहा कि सबसे बड़ी समस्या चार माह से कमीशन नहीं मिलने की है। राशन सामग्री का भुगतान डिपो संचालक से अग्रिम जमा कराया जा रहा है। 13 अगस्त को मुख्यमंत्री करनाल आएंगे, तो उनसे मुलाकात की कोशिश करेंगे। ऐसा नहीं हुआ तो चंडीगढ़ जाकर मिलेंगे।
बैठक में उप प्रधान रमेश मित्तल, कैशियर मनोज झंझाड़ी, विकास कुंजपुरा, संजय भाटिया, ललित कुमार, राजीव, ओमप्रकाश, मुनीष, हकुम चंद सहित कई राशन डिपो संचालक शामिल रहे।