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रेप पीड़िता ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप, आत्मदाह की धमकी

Thu, 28 Jul 2016 12:18 AM IST
ब्यूरो/करनाल,अमर उजाला
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कष्ट निवारण समिति की बैठक - फोटो : अमर उजाला
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बुधवार को पंचायत भवन में आयोजित कष्ट निवारण समिति की बैठक में एक रेप पीड़िता ने इंसाफ के लिए जमकर हंगामा किया। उसने असंध थाना के प्रभारी और महिला जांच अधिकारी पर पैसे मांगने सहित गाली गलौच करने का आरोप लगाया। असंध वासी पीड़ित महिला ने सीपीएस डॉ. कमल गुुप्ता, बख्शीश सिंह सहित प्रशासनिक अधिकारियों को रोते हुए दुखड़ा सुनाया। जब महिला इंसाफ के लिए अड़ गई तो पुलिस को बुलाकर उसको बाहर निकलवा दिया गया। रोते बिलखते हुए महिला ने अधिकारियों सहित मंत्रियों से इंसाफ न मिलने पर नाराजगी जाहिर की। आधे घंटे तक महिला और इसकी बेटी बिलखती रही। बाद में महिला थाना प्रभारी अपनी गाड़ी में बैठाकर उन्हें ले गई। महिला ने असंध थाना प्रभारी पर असमय बुलाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। पीड़िता ने धमकी दी कि अगर इंसाफ नहीं मिला तो वह बच्चों के साथ आत्मदाह कर लेगी। सीपीएस डा. कमल गुप्ता ने पूरे मामले की जांच डीएसपी जितेंद्र गहलावत को दे दी है।
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सात शिकायतों का मौके पर निपटारा
स्वास्थ्य विभाग हरियाणा के मुख्य संसदीय सचिव डा. कमल गुप्ता ने जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक में 11 में से सात शिकायतों का मौके पर निपटारा किया तथा शेष शिकायतों की जांच रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं होने के कारण मामलों को लंबित रखा गया। डॉ. गुप्ता निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बैठक में ठीक 11 बजे पहुंच गए थे। बैठक में पहुंचने पर उपायुक्त मंदीप सिंह बराड़ ने सीपीएस का स्वागत किया और कहा कि अध्यक्ष के निर्देशों की दृढ़ता से पालना की जाएगी। इस अवसर पर असंध के विधायक एवं सीपीएस बख्शीश सिंह विर्क, नगर निगम की मेयर रेणूबाला गुप्ता, करनाल संसदीय क्षेत्र की निगरानी कमेटी के संयोजक अशोक सुखीजा, सीनियर डिप्टी मेयर कृष्ण गर्ग, एसडीएम योगेश कुमार, एसडीएम इंद्री अश्विनी मलिक, एसडीएम असंध डॉ. सुशील मलिक, अशोक भंडारी, शहरी मंडल के अध्यक्ष प्रवीन लाठर, शमशेर नैन, योगेंद्र राणा, जगदेव पाढा, जनक पोपली, देशराज गोयल आदि मौजूद रहे।

इन शिकायतों पर किये सवाल जवाब
शिकायत नंबर एक
योगेंद्र सिंह सेक्टर-8 वासी ने ने शिकायत की थी कि एसबीआई व एलआईसी कंपनी की मनी बैक पॉलिसी के तहत उसको तंग किया जा रहा है। इस पर सीपीएस ने डीएसपी जितेंद्र गहलावत को निर्देश दिए कि वे संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करें, क्योंकि गलत काम करने वाले को बक्शा नहीं जाना चाहिए तथा कहा कि अगली बैठक में इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
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शिकायत नंबर 2
जसमेर सिंह गांव गुल्लरपुर की थी, जोकि उत्तरी हरियाणा बिजली वितरण निगम से संबंधित थी। शिकायतकर्ता ने शिकायत की थी कि बिजली निगम के कुछ कर्मचारी उससे पैसे मांग रहे हैं। इस पर सीपीएस ने कहा कि इस शिकायत से संबंधित कोई सबूत नहीं मिले हैं, क्योंकि इसकी जांच कई बार करवाई जा चुकी है यही नहीं समिति के सदस्यों ने भी इसकी रिपोर्ट बैठक में दी है।

शिकायत नंबर 3
हरदयाल शर्मा निवासी की थी जोकि संपदा अधिकारी हुड्डा से संबंधित थी। उनकी शिकायत उसकी दुकान की पावर ऑफ अटोर्नी रद्द करने से संबंधित थी। जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए संपदा अधिकारी हुड्डा अश्विनी मलिक ने बताया कि इस मामले के निर्णय के बारे में मुख्य प्रशासक हुडा को लिखा गया है। इस पर सीपीएस ने कहा कि मुख्य प्रशासक हुडा जल्द निर्णय लें।

शिकायत नंबर 4  
भाना राम की शिकायत पर सुनवाई करते हुए सीपीएस ने कहा कि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के कर्मचारियों द्वारा समय से पहले कार्यालय छोड़ने तथा कार्यालय में शराब का सेवन करने संबंधित शिकायत की जांच की गई है। जांच करने पर कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। इस जांच में समिति के दो सदस्यों की रिपोर्ट भी ली गई है।

शिकायत नंबर 5
गांव अरड़ाना निवासी सुमन शर्मा की थी जो कि तथा जनस्वास्थ्य विभाग से संबंधित थी। सुमन ने गांव के स्कूली बच्चों के लिए स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने की मांग की थी। जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए अधीक्षक अभियंता ने बताया कि गांव में पीने के पानी के लिए एक ट्यूबवेल लगाने की स्वीकृति मिल चुकी है और इसकी टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है इस पर जल्द काम शुरू हो जाएगा।

शिकायत नंबर 6
गांव पिचोलिया निवासी शमशेर सिंह, सतपाल व रामपाल की थी तथा सहकारी समितियां सहायक रजिस्ट्रार से संबंधित थी। शिकायत पर जांच अधिकारी, सहायक रजिस्ट्रार, सहकारी समिति करनाल के प्रतिनिधि ने अध्यक्ष को बताया कि शिकायतकर्ता की शिकायत सही है। दोषी कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है तथा शिकायतकर्ताओं के खाते में संबंधित राशि जमा करवा दी गई है।

शिकायत नंबर 7
दविंद्र राणा गांव गोंदर ने शिकायत दी कि गांव में शराब के दो ठेके हैं। इनके कारण गांव वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस पर विभाग के अधिकारी ने बताया कि एक शराब का ठेका नियमों के तहत खुला हुआ है तथा दूसरा शराब का ठेका जो नियमों के अनुसार नहीं थी, बंद करवा दिया गया है। लाइसेंस धारक को निर्देश दिए गए हैं कि वे शराब का उक्त ठेका वर्तमान स्थान से हटाकर कुछ दूरी पर खोलें। इस पर सीपीएस ने अधिकारियों को कहा कि ऐसी समस्याएं भविष्य में नहीं आनी चाहिए।

शिकायत नंबर 8
राजबीर सिंह असंध की थी और जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक विभाग से संबंधित थी। शिकायत थी कि कान्फेड का सेल्समैन कार्यालय नहीं आता। संबंधित प्राप्त चेक पर अपनी मर्जी से पैसे भर लेता है। इस पर सीपीएस ने डीएफएससी निशांत राठी को निर्देश दिए कि वे मामले की गहनता से जांच करें तथा उसकी रिपोर्ट अगली बैठक मे प्रस्तुत करें। इसके लिए सीपीएस ने समिति के दो सदस्य बृज मोहन और नंदलाल की भी जांच में सहयोग के लिए ड्यूटी लगाई है।

शिकायत नंबर 9
संजीव कुमार गांव कलसी की शिकायत थी कि गांव के राजकीय स्कूल की दीवार के साथ गलत तरीके से मिट्टी डाली गई है। इस पर जांच अधिकारी ने बताया कि मिट्टी उठवा दी गई है। सीपीएस ने कहा कि ऐसी बातें भविष्य में दोबारा न हों इसका ध्यान रखा जाए।

शिकायत नंबर 10
रामेश्वर दास निवासी गांव कैमला की शिकायत थी कि गांव मेें स्थापित डाई हाउस की एक फैक्टरी से उनकी फसलें खराब हो रही हैं और बीमारियां भी फैल रही हैं। इस पर अधिकारी ने सीपीएस को बताया कि संबंधित फैक्ट्री मालिक को नोटिस दे दिया गया है, नोटिस का समय समाप्त होते ही फैक्टरी को सील कर दिया जाएगा। इस पर सीपीएस ने अधिकारियों से कहा कि अगली बैठक में इस मामले की रिपोर्ट दें।

शिकायत नंबर 11
कंवर सिंह गांव सरवन माजरा की शिकायत थी कि गांव मेें मिट्टी उठाकर अवैध खनन करवाया जा रहा है। इस पर जांच अधिकारी ने सीपीएस को बताया कि गांव में गड्ढे जरूर हैं लेकिन वो पुराने हैं। इस पर सीपीएस ने संतुष्टि ना होते हुए इसकी जांच दोबारा करने को कहा तथा इसके लिए समिति के सदस्यों ईश्वर गुप्ता और कविन्द्र राणा को जांच में सहयोग के लिए ड्यूटी लगाई और अगली बैठक में रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।

वर्जन
रेप पीड़िता ने शिकायत की थी। इसका मामला महिला थाने में चल रहा है। महिला से गाली गलौच सहित जो अन्य आरोप लगाए हैं वह बेबुनियाद हैं। -हरविंद्र सिंह, असंध, थाना प्रभारी।
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