पंचायत समिति सदस्यों की बैठक में सदस्यों का कोरम पूरा नहीं होने से अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव गिर गया। इसके चलते एडीसी गिरीश अरोड़ा ने बैठक की कार्रवाई को स्थगित कर दिया। बैठक में तीस में से तेरह सदस्य उपस्थित थे।
अब रामफल ही अध्यक्ष पद पर बने रहेंगे। चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के लिए समिति सदस्यों की बैठक बीडीपीओ कार्यालय में बुलाई गई थी। बैठक में अध्यक्ष रामफल सहित उनके समर्थक तेरह समिति सदस्य उपस्थित हुए। असंतुष्ट गुट के सत्रह सदस्यों ने बैठक में हिस्सा नहीं लिया।
बैठक में अध्यक्ष रामफल के अलावा बलवान फौजी, परमवीर बड़थल, सोमपाल, पालाराम, महिंद्र, कर्म सिंह भुक्कल, सतपाल, रीना देवी, कैलाशो, कमलेश व संतोष कुमारी उपस्थित हुए। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त गिरिश अरोड़ा ने की।
बैठक में मतदान के लिए मतपेटियों की व्यवस्था की गई थी लेकिन असंतुष्ट खेमे के सदस्यों के बैठक में हिस्सा नहीं लेने से मतदान की नौबत ही नहीं आई। बैठक में उपस्थित तेरह सदस्यों ने हाथ खडे़ करके अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया। बाद में कानूनी विशेषज्ञों से बात करने के बाद एडीसी ने पत्रकारों को बताया कि बैठक में सदस्यों का कोरम पूरा नहीं था।
कोरम पूरा करने के लिए दो तिहाई सदस्यों की उपस्थिति जरूरी है। तीस में से बीस सदस्य उपस्थित होने चाहिए थे लेकिन बैठक तेरह सदस्य ही उपस्थित थे। उपस्थित सभी सदस्यों ने हाथ खडे़ करके अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ असहमति जताई। इससे अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा न होने से प्रस्ताव गिर गया। अध्यक्ष रामफल ने बैठक के बाद कहा कि कुछ सदस्य राजनीतिक बहकावे में आ गए थे, उन्हें बाद में मना लिया गया था।