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112 वर्ष में पहली बार रामलीला में अभिनय करेंगी महिलाएं

Thu, 29 Sep 2016 11:59 PM IST
ब्यूरो/करनाल,अमर उजाला
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रामलीला की तैयारी। - फोटो : अमर उजाला
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शहर के रामलीला सभा के सभागार में होने वाला रामलीला मंचन इस बार पिछले 112 वर्षों से होने वाले मंचन से कुछ अलग होगा। इस बार दर्शकों को मंच पर महिला पात्रों को रूप में पुरुष नहीं बल्कि महिलाएं ही मंचन करती नजर आएंगी। यही नहीं इस बार की रामलीला का मंचन प्ले बैक से होगा।
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रामलीला सभा के सचिव गौरव गर्ग ने बताया कि मंच द्वारा रामलीला का आयोजन पहली बार 1904 ई. में प्रधान चमनलाल बैंकर की देखरेख में किया गया था। तब से लेकर 112 वर्षों से रामलीला मंचन लगातार होता आ रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्षों से रामलीला सभा शहर के लोगों से ही मंचन करवाती थी, लेकिन इस बार कुछ अलग करने के लिए रामलीला मंचन के लिए कार्तिकेय सांस्कृतिक संस्था, मुरादाबाद के कलाकारों को बुलाया गया है, जो निदेशक डॉ. पंकज दर्पण अग्रवाल के निर्देशन में प्ले करेंगी। इस बार मंचन में महिला पात्रों का रोल महिला ही करती नजर आएंगी। जबकि पहले यह पुरुषों द्वारा किया जाता था। प्ले बैक में कलाकार केवल अभिनय करेंगे, जबकि संवाद पर्दे के पीछे से किया जाएगा। कार्तिकेय सांस्कृतिक संस्था द्वारा रामलीला के दौरान बिना पर्दे डाले ही लगातार मंचन किया जाएगा। श्री रामलीला सभा ने रामलीला मंचन के लिए सभी तैयारियां पूर्ण कर ली है।

शहर में दो जगह होगा रामलीला का मंचन
इस बार रामलीला का मंचन दो जगह अलग-अलग से मंच से किया जाएगा। श्री रामलीला सभा द्वारा रेलवे रोड स्थित रामलीला मैदान में और श्री रामायण पाठक सभा द्वारा पुरानी अनाज मंडी में रामलीला का मंचन किया जाएगा। दोनों मंचों पर 1 अक्तूबर से रामलीला का मंचन किया जाएगा। रामलीला सभा के सचिव गौरव गर्ग ने बताया कि पुराने समय में लोगों की आस्था के अनुसार ही रामलीला के माध्यम से राम की लीला का ही मंचन किया जाता था। जिसे देखने के लिए दूरदराज के गांवों के परिवारों के लोग भी बड़े उत्साह से आते थे, लेकिन पिछले पंद्रह-बीस सालों से रामलीला का स्वरूप बदल गया है। अधिकतर रामलीलाओं में अब अश्लील नाच और नाचने वाली महिलाओं को बुलाया जाता है। जो कि लोगों की धार्मिक आस्थाओं को ठेस पहुंचाता है। इसी कारण उन्होंने दो तीन सालों से रामलीला का मंचन प्रोजेक्टर के माध्यम से किया।
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पुरानी संस्कृति को जगाने का करेंगे प्रयास
उन्होंने बताया कि रामलीला सभा द्वारा किए जाने वाले मंचन में पुरानी संस्कृति को जगाने का प्रयास किया जाएगा। रामलीला सभा ने फैसला लिया है कि रामलीला में केवल सांस्कृतिक नृत्य को ही रखा गया है। रामलीला में किसी भी प्रकार का अश्लील डांस नहीं होगा। सचिव गर्ग ने बताया कि रामलीला के माध्यम से पारिवारिक माहौल बनाने का प्रयास किया जाएगा।
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रामलीला सभा में किस दिन क्या होगा मंचन
दिनांक    मंचन
1 अक्तूबर    नारद मोह भष्मासुर प्रसंग
2 अक्तूबर    श्री राम जन्म और ताड़का वध
3 अक्तूबर    सीता जन्म गौरी पूजन
4 अक्तूबर    धनुष यज्ञ और सीता स्वयंवर
5 अक्तूबर    श्रीराम राज्याभिषेक और राम बनवास
6 अक्तूबर    विशेष सांस्कृतिक नृत्य कार्यक्रम
7 अक्तूबर    सीता हरण और जटायु मोक्ष
8 अक्तूबर    श्री राम सबरी संवाद, बाली वध, लंका दहन
9 अक्तूबर    विभिषण शरणागत और रामेश्वरम स्थापना
10 अक्तूबर    कुंभकरण वध और मेघनाथ वध
11 अक्तूबर    श्री राम और रावण युद्ध और रावण वध
12 अक्तूबर    श्रीराम राज्यभिषेक
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