बिना तैयारियों और रणनीति के धान खरीद के लिए केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान और सीएम के आदेशों की मंडी व खरीद से जुड़े अलग-अलग विभागों के अधिकारियों ने हवा निकाल कर रख दी। स्थिति यह रही थी पूरा दिन मंडी में अव्यवस्थाओं और अधूरी तैयारियों के कारण सरकारी खरीद के नाम पर एक दाना भी नहीं खरीदा गया। अधिकारी मीटिंग करते रहे, जबकि किसान खरीद का इंतजार करते रहे। ये स्थिति तो मैनवली खरीद की रही, अगर बात ई खरीद की करें तो दिनभर ई खरीद करने वाले कंप्यूटर ही शट डाउन रहे और न ही उन्हें चलाने वाले ऑपरेटर सीट पर मिले। खामियों को देखते हुए संभावना जताई जा रही है कि सरकारी खरीद में अभी एक दो दिन और लग सकते हैं। बताया जा रहा है कि आढ़तियो के बाद अब राइस मिलर्स अपनी मांगों को लेकर अड़ गए हैं। राइस मिलर्स का कहना है कि खरीद पालिसी में संशोधन किया जाए, इसके बाद ही खरीद हो सकेगी।
बुधवार को अमर उजाला टीम ने नई अनाज मंडी का दौरा किया। इस दौरान कहीं पर भी सरकारी खरीद के लिए तैयारियां नहीं मिली। न तो कोई खरीद एजेंसी मंडी में आई और न ही कोई बारदाना। किसान धान लेकर आते रहे और सरकारी खरीद का इंतजार करते रहे, लेकिन अधिकारी नहीं आए और देर शाम तक भी एक भी दाना सरकार ने नहीं खरीदा। इसके अलावा, मजबूरी वश किसान आढ़तियों को धान बेचकर जाते रहे। बताया जाता है कि बुधवार को राइस मिलर्स की खरीद अधिकारियों के साथ बैठक हुई, लेकिन पालिसी के अंदर लगाई गई कुछ शर्तों को लेकर मिलर्स उखड़ गए हैं। फिलहाल बैठकों का दौर चल रहा है। मिलर्स शर्तों को हटाने की मांग पर अड़े हुए हैं। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि गुरुवार से खरीद शुरू हो सके। नई अनाज मंडी में फसलों की खरीद के लिए शुरू किया गया ई-खरीद पोर्टल पहले दिन ही बंद नजर आया। बुधवार को ई-खरीद केंद्र में स्थित कंप्यूटरों पर ऑपरेटर भी नही दिखाई दिए, जिस कारण मंडी में ई-पोर्टल द्वारा कोई भी खरीद नहीं की गई।
क्या कहते हैं किसान व आढ़ती
भूरा वासी पलथेहड़ी, यूपी ने बताया कि ई-खरीद का नहीं पता कि क्या होता है। अगर सरकार भाव अच्छा दे देगी तो वह इस प्रक्रिया को भी अपना लेेंगे। सरकार ने उनको इसकी कोई जानकारी नहीं दी। शहैंद्र वासी जैनपुर ने बताया कि इस प्रक्रिया के बारे में पता नहीं कैसे ऑनलाइन बेचेंगे। इसकी जानकारी आढ़ती को होगी, उन्हें कभी इसके बारे में नहीं बताया गया। रघुबीर सिंह वासी डाकवाला रोड़ान ने बताया कि वह अपनी फसल आढ़ती के माध्यम से बेचना चाहते है। सरकार धक्के से ई-खरीद चला रही है। जबकि उनको काम आढ़ती से पड़ता है।
नई अनाज मंडी के प्रधान रजनीश चौधरी ने बताया कि मैनुवली काम बढ़िया चल रहा है। इसकी किसानों को संपूर्ण जानकारी है। जबकि ऑनलाइन के बारे में किसानों को जानकारी नहीं है। वह मैनुवली खरीद करेंगे। सभी किसानों से अपील है कि फसल को सुखाकर लांए ताकि उचित मूल्य मिल सके। आढ़ती विनय ने बताया कि पहले वाली प्रक्रिया अच्छी और सुगम है। ऑनलाइन के माध्यम से जमींदार और किसानों के बीच का भाईचारा खराब होगा। आढ़ती राजेश कुंडू ने बताया कि वह बही खाते वाले पुराने सिस्टम से काम करेंगे। ऑनलाइन प्रक्रिया अधिक खर्चीली है। इसलिए वह पुरानी प्रक्रिया को ही अपनाएंगे।
वर्जन
राइस मिलर्स के साथ बैठक हुई है। खरीद पॉलिसी में कुछ शर्तों को लेकर मिलर्स कुछ आपत्ति जता रहे हैं, उनकी मांग सरकार तक पहुंचा दी गई है। हमारी पूरी कोशिश होगी कि गुरुवार से खरीद हो सकेगी। इसके लिए राइस मिलर्स के साथ बातचीत जारी है।
- निशांत राठी, डीएफएससी, करनाल।