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Karnal News: राम हैं एकाउंटेंट, रावण प्रॉपर्टी डीलर

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गगन तलवार
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करनाल। श्री रामायण पाठक सभा की रामलीला में मंच पर भगवान राम की भूमिका में नजर आने वाले अभिषेक शर्मा केवीए डीएवी कॉलेज में काउंटेंट हैं। सीता के रूप में नजर आने वाले सरल यादव ग्राफिक्स डिजानर, लक्ष्मण के स्वरूप प्रवीण कुमार आम जीवन में खेतीबाड़ी करते हैं, साथ ही उनकी सेनेटरी की दुकान भी हैं। रावण के स्वरूप अंकित दाबड़ा प्रॉपर्टी डीलर हैं।

रामलीला में मुख्य किरदारों के रूप में मंच पर रोजाना दिखने वाले कलाकार असल जिंदगी में काफी व्यस्त हैं। दिन में आम जीवन के काम और रात में मंचन की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। ऐसे में कई बार महज 4 घंटे की नींद ले पाते हैं। अधिकांश को रामलीला में किरदारों की जिम्मेदारी विरासत में मिली है। बालपन में परिवार के बड़ों के साथ रामलीला देखने के लिए आते थे। आज खुद पात्र की भूमिका में हैं।
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भगवान राम की भूमिका निभाने वाले अभिषेक शर्मा के दादा भी श्रीराम का किरदार निभाते थे। उनकी मीठी आवाज ने उन्हें ये किरदार दिलाया था। अभिषेक के पिता को विरासत में यह किरदार मिला। अभिषेक की आवाज भी सुरीली है, और अब वह ये जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
अंकित की दमदार आवाज उन्हें रावण की भूमिका में लाई। वर्ष 2021 तक लगातार 25 साल उनके बड़े भाई अश्वनी दाबड़ा ने यह किरदार निभाया था।



पात्र : राम

सुबह 8 बजे पहुंचते हैं कॉलेज, 19 वर्ष पहले मंचन से जुड़े
अभिषेक शर्मा 15 साल से भगवान राम का किरदार निभाते हुए सबकी पसंद बन चुके हैं। विशेष किरदार को निभाने का गुण कानों में रस घोल देने वाली आवाज भी उन्हें विरासत में जो मिली है। जुंडला गेट में रहने वाले अभिषेक सभा से करीब 19 वर्ष पहले जुड़े थे। इससे पहले वह सीता की भूमिका में मंच पर आते थे। उनसे पहले उनके पिता विरेंद्र शर्मा व उससे पहले दादा पंडित हरिदत शर्मा रामायण का यह मुख्य किरदार निभाते थे। उन्हीं से उन्हें मंचन करने की प्रेरणा मिली। एक ही परिवार की तीसरी पीढ़ी भगवान राम का किरदार निभा रही है। कॉलेज में अकाउंटेंट होने के कारण इन दिनों दाखिला प्रक्रिया के कारण उन पर काम का बोझ भी ज्यादा है लेकिन फिर भी वे भगवान के कार्य को इन दिनों समय दे रहे हैं।





पात्र : सीता

सीता की देर शाम तक है ड्यूटी, फिर मंचन में सरल की सरलता

जुंडला गेट निवासी कलाकार सरल यादव पेशे से ग्राफिक्स डिजाइनर हैं। वह एक प्रतिष्ठान में नौकरी करते हैं। शादियों और त्योहारी सीजन होने के कारण इन दिनों उनके पास काम भी ज्यादा है। वह 10 साल से देवी सीता का किरदार निभा रहे हैं। 2013 में सभा के सदस्य रविंद्र बंसल उन्हें रामलीला में भूमिका निभाने के लिए लाए थे। पहली बार उन्हें सीता की सखी की भूमिका मिली। इसके बाद कौशल्या का किरदार भी निभाया। उनके भाई सूरज कैकेई का किरदार निभाते हैं। स्वयं को और तराशने के लिए वह निरंतर अभ्यास भी करते हैं। कई बार तो उन्हें काम के कारण नींद लेने का समय भी नहीं मिलता।





पात्र : लक्ष्मण

रिहर्सल देखने पहुंचे तो बने तारा, अब चार साल से हैं लक्ष्मण

दयालपुरा गेट निवासी कलाकार प्रवीण कुमार किसान भी हैं और सेनेटरी की दुकान भी चलाते हैं। दिनभर उन पर काम का पूरा दबाव है। वह लक्ष्मण का किरदार चार साल से निभा रहे हैं। 25 साल से वह सभा से जुड़े हुए हैं। अब तक अंगद, कामदेव और श्रवण कुमार की भूमिका निभाते रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2000 में वह दयालपुरा के क्रिकेट मैदान में अपने साथियों के साथ मैच खेल रहे थे। इस दौरान सभा के निर्देशक अश्वनी दाबड़ा उन्हें रिहर्सल देखने के लिए ले गए। तो उनका भी किरदार निभाने का मन बना। पहली बार बाली की पत्नी तारा का रोल मिला। बस उसके बाद उन्हें अलग-अलग कई किरदार निभाने का मौका मिला। इस बार भी तीन किरदारों में मंच पर दिख रहे हैं।
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पात्र : रावण

दमदार आवाज ने दरबार में मंत्री से रावण बना दिया

दयाल पुरा गेट के रहने वाले अंकित दाबड़ा पेशे से प्रॉपर्टी डीलर हैं। करनाल और निसिंग में उनके खेत भी हैं। वर्ष 2000 में सभा से जुड़ने के बाद उन्हें पहली बार जनक और रावण के दरबार में मंत्री का किरदार मिला। इसके बाद उन्हें श्रवण कुमार और लक्ष्मण के किरदार की जिम्मेदारी दी गई। करीब 7 वर्ष तक लक्ष्मण के रूप में परशुराम से दमदार आवाज में किए रोमांचक संवाद के बाद उन्हें रावण जैसे कद्दावर किरदार में मंच पर उतारा गया। 2021 से वे रावण के रूप में मंच पर आते हैं। रात को 3 बजे रामलीला खत्म होने पर घर पहुंचते हैं, सुबह 7 बजे उठते हैं।
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