संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। इस बार जिले में दशहरा पर्व पर रावण दहन खास होगा। करनाल के सेक्टर-4 के दशहरा मैदान ओर नीलोखेड़ी के पॉल्ट्री एरिया में 65 फीट ऊंचे रावण के पुतले खड़े किए जाएंगे। दहन से पूर्व पुतले के मुंह, आंख से आग निकलेगी।
करनाल में रावण के साथ 55-55 फीट ऊंचे कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतले भी बनाए गए हैं। सभी पुतलों को एक अक्तूबर की शाम को मैदान में खड़ा कर दिया जाएगा। दो अक्तूबर की सुबह श्रद्धालु रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतलों की पूजा करेंगे। पुतले बनाने वाले कारीगर अरशद ने बताया कि सभी पुतलों को सुंदर रंगों से अंतिम रूप दे दिया गया है। करनाल में पहली बार क्रैकलिंग आतिशबाजी का प्रदर्शन होगा। इस आतिशबाजी से तेज प्रकाश और आवाज होती है। सीटी, गड़गड़ाहट जैसी आवाजें भी निकलती हैं। पुतलों के साथ ही एक विशेष लंका भी तैयार की गई है।
झंझाड़ी में सबसे कम ऊंचाई का रावण
सबसे कम ऊंचाई का 30 फीट के रावण का पुतला झंझाडी गांव के लिए बनाया गया है। दशहरा उत्सव के लिए इस बार तरावड़ी में एक नहीं, बल्कि तीन विशाल पुतलों का दहन होगा। इनमें 55 फीट का रावण, 50 फीट के मेघनाथ और 50 फीट का कुंभकर्ण का पुतला शामिल है। दशहरे के लिए घीड़ में 50 फीट के रावण के पुतले का दहन होगा।