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बल्हेड़ा गांव में था मच्छर का खौफ

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25 हजार रुपये का इनामी बदमाश इकराम उर्फ मच्छर बचपन से ही लड़ाकू स्वाभाव का था। छोटी-छोटी बातों पर किसी से झगड़ा कर लेता था और किसी का भी सामान चोरी कर लेता था हालांकि पुलिस रिकॉर्ड में यह मामले दर्ज नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि मच्छर का गांव में खौफ था। वहीं दूसरी ओर मृतक मासूम अली के परिजनों में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा है। परिजनों का कहना है कि पुलिस ने यह अच्छा काम किया है, लेकिन अभी तक माशूक अली की हत्या का मुख्य आरोपी बल्हेड़ा गांव निवासी समीन अभी तक फरार है। जब तक पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं करती, तब तक इंसाफ अधूरा है। क्योंकि समीन ने ही रुपये का लालच देकर इकराम उर्फ मच्छर से माशूक अली की हत्या कराई थी।
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जिसने कराई जमानत, उसी की कर दी हत्या
-गांव बल्हेड़ा निवासी अरशद ने बताया कि इकराम उर्फ मच्छर शुरू से ही झगड़ालू किस्म का व्यक्ति था। उसने अपने ताऊ के लड़के पर सूए से जानलेवा हमला कर दिया था। इस मामले में अदालत ने बदमाश मच्छर को 10 साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद उसके (अरशद के) पिता माशूक अली ने हाई कोर्ट से मच्छर को जमानत दिला दी थी, लेकिन उसी मच्छर ने उसके पिता 27 नवंबर 2020 को हत्या कर दी थी।
यहां से शुरू हुई थी रंजिश
-मृतक मासूम अली के बेटे अरशद ने बताया कि उसके पिता गांव बल्हेड़ा के सामाजिक व्यक्ति थे, वह पंचायतों में भी उसे अपने साथ लेकर आते थे। कई साल पहले बदमाश इकराम उर्फ मच्छर की पत्नी जुलेखा का गांव में आरोपी समीन के साथ झगड़ा हो गया था। इस झगड़े में उसके पिता ने समीन से बदमाश मच्छर को पैसे भी दिलवाए थे और समीन से माफी भी मंगवाई थी। इसी रंजिश के कारण समीन ने बाद में मच्छर को पैसे का लालच देकर उसके पिता की हत्या करा दी थी।
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8 महीने पहले आया था घरौंडा, तीन बच्चों का पिता था मच्छर
-ग्रामीणों ने बताया कि इकराम मच्छर दो भाई हैं, जिसका बड़ा भाई इमरान पशुपालक है, जो गांव खेड़ा में ही रहता है। बदमाश इकराम उर्फ मच्छर आठ महीने पहले अपनी पत्नी जुलेखा व तीन बच्चों के साथ घरौंडा रहने के लिए आया था। उसके पास दो लड़के एक लड़की है।
7 दिन पहले ही रखा था 25 हजार का इनाम
-गांव बल्हेड़ा निवासी इकराम उर्फ मच्छर पर पुलिस ने फरवरी में 7 दिन पहले ही 25000 रुपये का इनाम रखा था, तभी से पुलिस को मच्छर की अलग-अलग लोकेशन मिल रही थी। इससे पहले इन आरोपियों को पकड़वाने के लिए माशूक अली के परिजन कई बार एसपी से गुहार लगा चुके थे।
चार साल में तीन कुख्यात बदमाश ढेर कर चुकी पुलिस
करनाल। चार साल में तीन मोस्ट वांटेड बदमाशों को करनाल पुलिस ने ढेर किया है। पहले पुलिस ने 27 जनवरी 2018 में 50 हजार के ईनामी बदमाश सुरेंद्र ग्योंग को करनाल जिले के राहड़ा गांव में एनकाउंटर में मार गिराया था। ग्योंग पर हत्या, डकैती तथा फिरौती सहित 34 मामले दर्ज थे। वहीं 23 मार्च 2019 में पांच लाख के इनामी बदमाश जबरा जिले के बड़ा गांव के पास जंगलों में पुलिस की मुठभेड़ में ढेर हो गया था। पुलिस के रिकार्ड के मुताबिक जबरा ने अंजनथली गांव के पूर्व सरपंच बबली तथा उसके साले विकास की अपने साथी कृष्ण दादूपुर के साथ मिलकर गोली मारकर हत्या की थी। इसके बाद सोमवार की रात करनाल पुलिस ने सोनीपत जिले के भैंसवाल गांव में मोस्ट वांटेड अपराधी इकराम उर्फ मच्छर को मार गिराया।
सीआई-2 के प्रभारी को सौंपी गई थी जिम्मेदारी
डीएसपी विजय देशवाल ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि करनाल के एसपी गंगा राम पुनिया ने सीआईए-2 के प्रभारी सुरेंद्र सिंधु को इकराम उर्फ मच्छर के गिरफ्तारी की जिम्मेदारी सौंपी थी, जिन्होंने अपनी टीम के सदस्यों के साथ सोनीपत जिले के भैंसवाल गांव के पास इकराम को घेर लिया और सरेंडर करने की अपील की। उसने पुलिस पार्टी पर फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस की जवाबी फायरिंग में इकराम मारा गया।
पहली बार 2006 में हुआ था इकराम के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज
-पुलिस ने बताया कि इकराम के खिलाफ पहली बार 5 अगस्त 2006 को करनाल जिले के घरौंडा थाना में मारपीट का मुकदमा दर्ज हुआ था। जिसके बाद वर्ष 2015 में इसी थाना में हत्या के प्रयास का मामला दर्ज हुआ, जिसमें अदालत में इसे 10 साल की सजा सुनाई थी, लेकिन हाईकोर्ट में अपील होने के कारण उसेे जमानत मिल गई थी। वहीं 11 अप्रैल 2019 में इसके खिलाफ पानीपत के किला थाना में चोरी का मामला दर्ज हुआ। पिछले साल 27 नवंबर 2020 में भी बल्हेड़ा गांव में मासूक अली की हत्या के मामले में इसके खिलाफ 302 का मामला दर्ज हुआ।
हत्या की कोशिश में जा चुका है जेल
-पुलिस ने बताया कि इकराम हत्या के प्रयास के मामले में 10 साल कैद की सजा भी काट रहा था। लेकिन माशूक की हत्या के दौरान पर वह जमानत पर बाहर आया हुआ था। अभी पिछले करीब दो महीने से फरार चल रहा था।
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