राजपूत सभा करनाल ने एक विशेष बैठक में समाज से जुड़े कई अहम फैसले लिए हैं। इनमें पहला तो यह है कि अब शादी में बारातियों की संख्या सैकड़ों में न होकर 31 होगी, साथ ही शादी में डीजे भी बंद किया जाएगा। इसके साथ ही रिंग सेरेमनी का कोई कार्यक्रम नहीं होगा और शादी में मिलाई सीमित सदस्यों की ली जाएगी। वहीं, बिना दहेज के शादी करने वाले परिजनों को सभा सम्मानित भी करेगी। रविवार को राजपूत सभा की एक बैठक तरावड़ी में हुई।
इस सभा में जिला अध्यक्ष कर्नल देवेंद्र सिंह, (वीर चक्र) पूर्व मंत्री जय सिंह राणा, प्रो. वीरेंद्र सिंह चौहान गोंदर, डॉ विश्वराज सिंह, पानीपत राजपूत सभा के अध्यक्ष नरेंद्र राणा, सभा के पूर्व प्रधान कंवर रामपाल सिंह, सभा के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ अमृत सिंह, उपाध्यक्ष विक्रम सिंह, महासचिव भूपेंद्र सिंह, कोषाध्यक्ष नत्था सिंह समेत अन्य सदस्य मौजूद रहे। बैठक में समाज हित को लेकर चर्चा की गई व शादियों पर हो रहे वाहियात खर्च को कम करने पर मंथन किया गया। बाद में सभी की सहमती से सभा ने प्रस्ताव पास किया आगे से शादी में केवल 31 बाराती ही ले जाए जाएंगे। साथ ही शादी में दिखावे की बजाये सादगी के साथ कार्यक्रम किया जाएगा।
इस मौके पर सभा ने बिना दहेज के शादी करने वाले समाज के दस परिवारों को सम्मानित भी किया। बैठक के दौरान समाज में फैली कुरीतियों को लेकर भी चर्चा की गई और समाज के सदस्यों को जागरूक करने का फैसला लिया गया, ताकि वे संगठित होकर समाज में भलाई का रोल अदा कर सकें। इस मौके पर प्रेस सचिव डॉ एनपी सिंह, उपाध्यक्ष कंवरपाल राणा, तेजपाल राणा, जंग सिंह राणा, कृष्ण राणा, ब्लॉक अध्यक्ष नीलोखेड़ी सुकरम पाल असंध ब्लॉक अध्यक्ष सुरेंद्र राणा, घरौंडा अध्यक्ष सप्ट्टर राणा, ऑडिटर ओमबीर राणा, ब्लॉक समिति अध्यक्ष हुकम सिंह, जिला परिषद सदस्य अनिल राणा, पधाना सरपंच प्रवीण राणा, सग्गा सरपंच सुभाष राणा, रायसन सरपंच नाथी राणा, कोयर सरपंच बीर सिंह राणा, निगदू सरपंच बिसन सिंह राणा, दलबीर राणा, नरेश पतनपुरी, ओमपाल राणा, राजबीर राणा, अशोक राणा, विक्रम राणा, कवरपाल राणा, मोहन राणा, अभिषेक तंवर आदि उपस्थित रहे।
ये प्रस्ताव हुए पास
बैठक में सभी की सहमति से प्रस्ताव पास किये गए। इनमें रिंग सेरेमनी बंद करना, डीजे बंद करना, मृत्यु भोज बंद करना, मिलाई सीमित संख्या में करने का निर्णय लिया गया। बारातियों की संख्या अधिकतम 31 रखने का निर्णय लिया गया। इसके इलावा बिना दहेज के शादी करने वालों को सम्मानित करने के प्रस्ताव पास किए गए।