ओ लाल मेरी पत रखियो बला झूले लालन, सिंदरी दा, सेवन दा, सखी शहबाज कलंदर। अली दम दम दे अंदर, दमादम मस्त कलंदर अली दा पहला नंबर, गीत की प्रस्तुति देकर राजस्थानी कलाकारों ने कर्ण नगरी के लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। कलाकारों ने बीन सपेरे की भी जबरदस्त प्रस्तुतियां दी।
सेक्टर-12 में आयोजित सरस मेले के चौथे दिन जाट आंदोलन की समाप्ति के बाद रौनक लौट आई है। मेले में देश के सभी राज्यों के कलाकार पहुंच रहे हैं। इससे कर्ण नगरी के लोगों को अपने ही शहर में स्थापित मंच पर पूरे देश की संस्कृति के दर्शन हो रहे हैं। मंगलवार को जयपुर से आई बनानाथ सपेरा पार्टी ने अपनी प्रस्तुतियों से सबका दिल जीत लिया। पार्टी में शामिल महज सात साल की कलाकार मोनिका की स्टेज परफार्मेंस देखकर सब दंग रह गए।
कार्यक्रम में नीलोखेड़ी के विधायक व जिलाध्यक्ष भगवानदास कबीरपंथी ने कहा कि सरकार द्वारा सरस मेले का आयोजन शहर की जनता को पूरे देश की संस्कृतियों व वहां के विचारों से शहर की जनता को अवगत कराने के लिए किया है। इसलिए जिले के प्रत्येक व्यक्ति को इस मेले में आना चाहिए। उन्होंने मेले में घूमकर विभिन्न राज्यों के हस्तशिल्पों की कलाओं का अवलोकन किया। वहीं संध्या कार्यक्रम में जिला एवं सत्र न्यायधीश ललित बत्तरा कार्यक्रम के मुख्यातिथि रहे। उन्होंने भी स्टेज पर कलाकारों द्वारा दी गई प्रस्तुतियों की मुक्तकंठ सराहना की।
सांस्कृतिक संध्या का आगाज हरियाणवीं गायक सतीश कुमार की सामाजिक कुरीतियों पर कटाक्ष करती हुई रागिनियों से हुआ। हरियाणवीं के बाद जगदीश मानक व जगजीत बोपाराय ने पंजाबी लोक गीतों के माध्यम से मां हुंदी है मां, ओ दुनिया वालों.. से मां के प्रति आदर भाव पेश किया तथा इसके बाद भुलणां, दुख संगता नू, बिछड़े ननकाने दा की प्रस्तुति देकर गुरुओं के चरणों में नमन किया।
इसके साथ ही पंजाबी पॉप साेंग गाकर हर दर्शक को झूमने पर मजबूर कर दिया। पंजाब के बाद आसाम के लोक कलाकारों ने बीहू नृत्य पेश करके दर्शकों की तालिया बटौरी। राट्रीय कलाकारों के साथ-साथ स्थानीय स्कूली बच्चों ने देशभक्ति के कार्यक्रम पेश किए। पंजाबी कलाकारों की झूमर की प्रस्तुति ने दर्शकों के अन्दर एक अलग ही तरंग पैदा कर दी। कार्यक्रम का मंच संचालन करते हुए संजीव शाद ने अपनी सधी हुई आवाज व शेरों शायरी से दर्शकों को अपने मोहपाश में बांधने का काम किया।