जाट आरक्षण के नाम पर आंदोलनकारियों द्वारा प्रदेश के रोहतक समेत अन्य जिलों में दुकानों में की गई आगजनी और लूटपाट के विरोध में करनाल के सभी बाजार मंगलवार को बंद रहे। सुबह से लेकर शाम तक बाजार पूर्ण रूप से बंद रहे और लोगों ने जमकर अपना गुस्सा भी जाहिर किया। एकजुटता का परिचय देते हुए व्यापारियों ने पीड़ित व्यापारियों का साथ देने का वादा किया है, बल्कि आगजनी करने वालों की जल्द गिरफ्तारी की मांग भी कर डाली।
पीड़ित व्यापारियों के लिए करनाल के सभी व्यापारियों ने एक सुर में मुआवजा भी मांगा है और दोबारा से ऐसा न हो, इसके लिए कड़ी सुरक्षा की भी मांग कर डाली है। एक सुर में व्यापारियों ने यह भी कहा कि उपद्रवियों को कोई मुआवजा नहीं दिया जाए। इसके अलावा, व्यापारियों ने सामूहिक रूप से एक विशेष समुदाय को वोट न देने का संकल्प भी लिया।
पहले से ही प्रस्तावित शहर के व्यापारी अपने-अपने प्रतिष्ठान पहुंचे। धीरे-धीरे सैकड़ों व्यापारी एकजुट हो गए और सभी ने अपनी दुकानें बंद रखी। दोपहर तक यह संख्या हजारों में पहुंच गई। कर्ण गेट, सर्राफा बाजार, कुंजपुरा रोड, कमेटी चौक, नावल्टी रोड, ओल्ड जीटी रोड समेत अन्य बाजारों में दुकानों पर ताले लटके रहे। इस दौरान व्यापारी कृष्ण लाल तनेजा समेत अन्य पदाधिकारी सभी बाजारों में घूमते रहे और दुकानदारों से एकता की अपील करते रहे। कुछ दुकानदारों द्वारा खोली गई दुकानों को भी व्यापारियों ने बंद करा दिया।
दोपहर के बाद कमेटी चौक पर हजारों की संख्या में मौजूद व्यापारियों ने पीड़ित दुकानदारों के प्रति संवेदना जताई और मारे गए लोगों के प्रति शोक जताया। इसके साथ ही, मंच से एक व्यापारी ने सभी को शपथ भी दिलाई, जिसमें एक विशेष समुदाय के प्रति जमकर गुस्सा भी निकाला और उन्हें संकल्प लिया कि आगे वे कभी भी वे इस समुदाय के लोगों को वोट नहीं देंगे।
व्यापारियों ने यह भी कहा कि सारे प्रतिष्ठान फूंक दिए गए और पुलिस देखती रही, ऐसे में गुंडा तत्व व शरारती लोगों के खिलाफ वे खुद एकजुटता दिखाएंगे, ताकि दोबारा इस प्रकार की घटिया हरकत न हो सके। उधर, स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए सिटी थाना प्रभारी मोहन लाल पुलिस बल के साथ बाजार में मौजूद रहे है। गौरतलब है कि करनाल में हजारों की संख्या में दुकानें हैं।
भाजपा नेता पहुंचे, नोकझोंक
बाजार बंद की सूचना पाकर भाजपा के कई नेता भी बाजारों में पहुंचे और दुकानदारों के साथ विचार विमर्श किया। हालांकि, दोपहर बाद नेताओं ने दुकानें खोलने की अपील भी की, लेकिन व्यापारियों ने कहा कि वे पहले से ही इस बात का फैसला कर चुके हैं कि पूरा दिन बाजार बंद रखेेंगे। इस मामले को लेकर नोकझोंक भी हुई। हालांकि, बाद में भाजपा के नेता बाजार से वापस आ गए।
धक्के खाते रहे ग्राहक
हालांकि, व्यापारी नेताओं द्वारा पहले से ही बाजार बंद करने की सूचना दे दी गई थी, लेकिन कई दिन के बाद जाम खुलने के कारण गांवों से लोग बाजारों में पहुंचे तो दुकानें बंद देखकर वे भी सकपका गए। दुकानदार दुकानों के बाहर बैठे रहे और ग्राहक इधर-उधर चक्कर लगाते रहे। व्यापारियों की एकता के चलते शहर के सभी बाजार बंद रहे। इससे बाजार में भी करोड़ों रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है।
इस बारे में व्यापारियों के प्रधान कृष्ण लाल तनेजा का कहना है कि दुख की इस घड़ी में करनाल के सभी व्यापारी पीड़ितों के साथ हैं। हम प्रदेश सरकार से मांग करते हैं कि इतना घिनौना काम करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और पीड़ितों को मुआवजा दिया जाए। उपद्रवियों को कोई मुआवजा नहीं देना चाहिए, नहीं तो ऐसे लोगों के हौसले और बढ़ेंगे।