जिले में सप्ताहभर से हो रही बारिश से लोगाें को तिहरा फायदा हुआ है। गर्मी से राहत, फसल की सिंचाई और एक सप्ताह मेेें करीब सवा दो करोड़ यूनिट बिजली की बचत हुई है।
बादल छाने और रुक रुककर हो रही बारिश के वजह से शहर के अधिकतम तापमान में गिरावट आई है। इससे घरों में चलने वाले एसी व कूलरों को भी कुछ राहत मिली है। गर्मी से निजात मिलने के साथ ही खेतों में जमा पानी की वजह से किसानों ने भी अब अपने ट्यूबवेल बंद कर दिए हैं। इससे जिले में बिजली खपत कम हुई है। ऐसे में बारिश के चलते लोगों को बिजली खपत व गर्मी से राहत का डबल फायदा हुआ है।
जिले में एक सप्ताह पहले बारिश शुरू होने से पहले भीषण गर्मी के दौरान जिलेभर मेें बिजली की प्रतिदिन की औसतन खपत 1.32 करोड़ यूनिट थी, लेकिन अब खपत में गिरावट आई है। शनिवार को जिले में बिजली की खपत 91 लाख यूनिट हुई है। ऐसे में बारिश के चलते प्रतिदिन बिजली की खपत में करीब 30 लाख यूनिट बचत हुई है। इससे एक सप्ताह में जिले में करीब सवा दो करोड़ यूनिट बिजली की बचत हुई है।
अपेक्षाकृत कम बारिश, फिर भी राहत
पिछले वर्ष की तुलना में इस बार बारिश की कम हुई है, लेकिन लगातार बादल छाए रहने और बूंदाबांदी के चलते लोगों को गर्मी से राहत मिली है। इससे बिजली की खपत भी कम हुई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इस बार जिले में पूरे साल में 328.7 एमएम बारिश हुई है। जबकि वर्ष 2015 में जुलाई माह में 344.8 एमएम बारिश की दर्ज की गई थी। हालांकि मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में बारिश होने की संभावना जताई है। यदि अच्छी बारिश हुई तो पिछले साल का रिकॉर्ड टूटने की संभावना है। हालांकि पिछले वर्ष के रिकॉर्ड की बराबरी के लिए भी कल तक 16 एमएम बारिश होनी जरूरी है।
बारिश से किसानों को होगा फायदा
भाकियू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रतनमान ने बताया कि इस बारिश से धान की फसल को सबसे अधिक फायदा होगा। इससे किसानों को सिंचाई से राहत मिलेगी। वहीं जो किसान यमुना की तलहटी में डीजल के इंजनों से फसल की सिंचाई कर रहे हैं, उनको सबसे अधिक फायदा होगा। इससे धान में आने वाली बीमारियों में भी कमी आएगी। उन्होंने बताया कि अभी जरूरत से कम बारिश हुई है। हालांकि मौसम विभाग ने अभी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई है। इससे किसानों को हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।