मौसम में अचानक बदलाव के साथ बारिश से किसानों के चेहरे मुरझा गए हैं। तेज बारिश से गेहूं की फसल के भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है। इस समय गेहूं की फसल अधिकतर इलाकों में निसर चुकी है।
इसकी जड़ें नमी युक्त होने के कारण हवा चलने पर फसल जमीन पर बिछ सकती है। इससे उत्पादन बुरी तरह से प्रभावित होगा। शुक्रवार शाम अचानक मौसम में परिवर्तन के बाद तेज हवाएं चलने लगीं।
रात को करीब ग्यारह बजे तेज बरसात शुरू होने के बाद कई इलाकों में मूसलाधार बारिश हुई। इसी बीच कुछ जगहाें पर ओलावृष्टि भी हुई।
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. रमेश वर्मा ने कहा कि इस समय होने वाली बरसात गेहूं की फसल में नुकसानदायक हो सकती है।
बरसात से जो फसल जमीन पर बिछ जाएगी, उससे उत्पादन प्रभावित होगा। वहीं, जहां पानी खड़ा रह गया, वहां भी उत्पादन पर असर पड़ेगा।
राजौंद में ओले पड़ने और मूसलाधार बारिश से निचले हिस्सों में पानी भर गया। शहर की कई कालोनियों और गलियों में पानी भर गया। कई दुकानों और घरों में पानी घुसने से लोगों को नुकसान झेलना पड़ा।
शहर में पानी निकासी का सही प्रबंध न होने के कारण लोगों में प्रशासन के प्रति भारी रोष है। शनिवार पूरा दिन सूर्य देव लुका छुपी करते रहे। आसमान पर घने बादल छाए रहे और बरसात के कारण एक बार फिर से ठंडी हवाएं चलनी शुरू हो गईं।
किसानाें ने बताया कि बेमौसमी बरसात और ओले पड़ने से उनकी फसलों को काफी नुकसान हुआ है। किसान हरनाम सिंह, धर्मपाल, राजेंद्र, किरणपाल, संदीप, विनोद कुमार, रामबीर नरवल ने बताया कि उनकी पकी पकाई फसल को खराब करके रख दिया।
इससे उनकी साल भर की मेहनत चंद मिनटों में इस बरसात की भेंट चढ़ कर रह गई। कई सब्जी उत्पादक किसानाें ने कहा कि बरसात और ओले पड़ने से सब्जी की फसल को भी काफी नुकसान पहुंचा है।