जिले में पिछले दो दिन से लगातार हो रही बूंदाबांदी व रिमझिम बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। रिमझिम फुहारों से शहर के तापमान में गिरावट आई है, इससे लोगों को काफी हद तक गर्मी से राहत मिली है। जिले में पिछले दो दिनों में अब तक 24.5 एमएम बारिश दर्ज की गई गई है। दो दिनों से लगातार हो रही बारिश के चलते शहर की सड़कों पर भी जलभराव की समस्या पैदा हो गई है। इससे लोंगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है तथा बिजली लाइनों में फाल्ट के चलते शहर के दर्जनों फीडर बंद हो गए हैं। इससे आधे शहर की बत्ती गुल हो गई है।
बारिश का सिलसिला जारी होने के चलते बिजली कर्मियों का लाइनों का फाल्ट ठीक करने का भी समय नहीं मिल रहा है। इससे कई कॉलोनियों में पूरी रात अंधेरा छाए रहने की आशंका है। हालांकि इस बारिश से किसानों को बड़ी राहत मिली है। धान की रोपाई के बाद आसमान पर नजरे गड़ाए बैठे किसानों की मुराद अब पूरी होने लगी है। मौसम विभाग की मानें तो बारिश का यह सिलसिला अगले दो दिनों तक जारी रहने का अनुमान है।
मौसम विशेषज्ञों ने इस बार पिछले वर्षों की तुलना में अधिक बारिश होने की संभावनाएं जताई थी, जुलाई के प्रथम सप्ताह में ही जिले में मानसून का आगाज हो गया था, लेकिन दो सप्ताह तक लगातार आसमान में चली बादलों की आवाजाही ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी थी, लेकिन शुक्रवार की रात से बदल मौसम के मिजाज ने किसानों की तबीयत खुश कर दी है। पिछले दो दिनों में अब 24.6 एमएम बारिश हो चुकी है। शनिवार को दिनभर बूंदाबांदी से शहर का मौसम सुहावना रहा है। इस बारिश से जहां किसानों को राहत मिली है, लेकिन बारिश के चलते शहर की सड़कों पर हुए जलभराव ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। शहर में जगह-जगह जलभराव होने के चलते लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। मानसून की इस बारिश ने निगम प्रशासन के दावों की भी पोल खोल दी है।
इस साल जिले में अब तक हुई 242.7 एमएम बारिश
इस वर्ष जनवरी से लेकर अब तक जिले में 242.5 एमएम बारिश हुई है। जुलाई माह में अब तक 105.2 दो एमएम बारिश दर्ज की गई है। जुलाई के प्रथम सप्ताह में ही इस बार मानसून का आगमन हुआ है, लेकिन बादलों की बेरुखी की वजह से पिछले दो सप्ताह में बारिश नहीं हुई है। शुक्रवार से शुरू हुआ बारिश का सिलासिला अभी तक जारी है। पिछले दो दिनों में अब तक 24.6 एमएम बारिश दर्ज की गई है। शनिवार को दोपहर ढ़ाई बजे तक 22.6 एमएम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग विशेषज्ञों ने अगले दो दिनों तक बारिश का सिलासिला जारी रहने की संभावना जताई है।
शहर में इन जगाहों पर भरा पानी, परेशानी
बारिश से जहां किसानों को फायदा हुआ, वहीं शहर में जलभराव की स्थिति के कारण लोगों को दिक्कतें भी उठानी पड़ी। शहर में जीटी रोड की सर्विस लाइन, नमस्ते चौक, देवीलाल चौक, बस स्टैंड मुख्य गेट पीछे के गेट पर, बस स्टैंड स्थित टैक्सी स्टैंड पर, सेक्टर-13 गीता मंदिर के समीप, सेक्टर-6 प्रताप स्कूल के सामने वाली गलियों में, सरकारी अस्पताल में कैंटीन के सामने, कर्ण पार्क, वाल्मीकि कॉलोनी, शिव कॉलोनी, रामनगर आदि स्थानों पर लोगों को जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ा। जनकपुरी रमेश नगर निवासी सुभाष चंद, पूनम, मीनू, और बीएस शर्मा ने बताया कि गली का निर्माण होने से जलभराव होता है। कीचड़ से निकलना पड़ता है, जिससे भारी परेशानी होती है। जैसा हाल इस कॉलोनी की गलियों का है, उससे अच्छी तो गांव की गलियां होती हैं। कई बार अधिकारियों से भी शिकायत कर चुके हैं, लेकिन समस्या बरकरार है।
लाइनों में फाल्ट, दर्जनों कॉलोनियों की बत्ती गुल
जिले में दो दिनों से हो रही बारिश के चलते दर्जनों फीडरों के इंसुलेटर व ओबीसी में फाल्ट आने से आधे शहर की बत्ती गुल हो गई। लोग दिनभर बिजली निगम के सुविधा केंद्र पर फोन कर अपनी शिकायतें दर्ज करवाते रहे, लेकिन बारिश का सिलसिला लगातार जारी रहने के चलते बिजली कर्मी देर शाम तक भी सभी फीडरों पर बिजली आपूर्ति शुरू नहीं कर सके। ऐसे में लोगों की पूरी रात अंधेरे में बीती। लाइनों में फाल्ट के चलते, मुगल कैनाल, सेक्टर-11 व 13, बांसो गेट, रामनगर, प्रेम नगर, शांति नगर, बसंत विहार, चार चमन, राजीव पुरम सहित दर्जनों कॉलोनियों में घंटो तक बिजली गुल रही। इसके अलवा ग्रामीण क्षेत्रों में लाइनों पर पेड़ों की टहनियां गिरने से दर्जनों फीडर बंद रहे। इससे कुंजपुरा, जड़ौली, नलीपार, नलवी खुर्द, रंबा, संगोहा, संगोही, दरड़ व सलारू आदि गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित रही।