क्षेत्र में बीते तीन दिन हुई बरसात से किसानों का बहुत नुकसान हुआ है। किसानों को खेतों में खड़ी व अनाज मंडी में पहुंची दोनों ही फसलों में भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
बरसात का पानी मंडी में जमा हो जाने से बिकवाली के लिए पहुंचा किसानों का धान भीग गया है। खरीदारों की ओर से खरीदी गई धान भी मंडी में भीग गई। किसानों ने बारिश से धान को तिरपाल ढांपकर बचाने का पूरा प्रयास किया लेकिन असफल रहे। मंडी में जमा पानी के कारण भीगे धान में फुटाव हो गया है व काले रंग का पड़ने से क्वालिटी में कमी आई है। अब किसानों को इसका दाम भी कम मिलेगा।
कुछ किसानों के धान को मंडी में फैलाकर सुखाया जा रहा है। बीते तीन दिनों से किसान धान बेचने के लिए अनाजमंड़ी में पड़ा है, लेकिन उनको धान का खरीदार नहीं मिल रहा। किसान गुरबाज सिंह, हरिराम, बलवान बस्तली, मांगेसिंह लागर, नफे सिंह व रामभज शर्मा का कहना है कि उनके खेतों में खड़ा पीआर व बासमती धान बरसात के साथ तेज हवा चलने से गिर गया है।
पकी फसल गिरने से उसकी क्वालिटी व उत्पादन में भारी कमी आने का अंदेशा है। बासमती किस्म की धान खेतों में बिछ गई है। यह बरसात किसानों पर बहुत भारी पड़ी है। इससे व्यापारी व किसान दोनों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उनके नुकसान का मुख्य कारण अनाज मंडी में शेड की सुविधा का नहीं होना भी है। यदि शेड की सुविधा होती तो किसानों का धान भीगने से बच जाता।
अनाज मंडी प्रधान वेदप्रकाश त्यागी ने बताया कि सरकार की ओर से सांभली रोड पर सभी सुविधाओं से युक्त नई अनाज मंडी बनाकर तैयार की हुई है लेकिन उसमें आढ़तियों को प्लॉट अलॉट नहीं किए गए। मार्केट कमेटी सचिव धर्मराज डांगी का कहना है कि निसिंग की अनाज मंडी प्राइवेट होने के कारण किसानों को सभी सुविधाएं नहीं मिल पा रही।
फिर भी कमेटी की ओर से लाइट, पानी व सड़कों की सुविधा मंडी में मुहैया कराई हुई है। नई अनाज मंडी में आढ़तियों को जल्द ही प्लॉट अलॉट कर दिए जाएंगे। इससे क्षेत्र का किसान मंडी में मिलने वाली किसी भी सुविधाओं से वंचित नहीं रहेगा।