इंद्री लहसुन के तैयार खेत में भरा बारिश का पानी। संवाद
इंद्री। अक्तूबर में दो बार हुई तेज बारिश ने लहसुन उत्पादक किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में पानी भरने से लहसुन की फसल खराब होने का खतरा पैदा हो गया है। कई किसानों को खेतों की दो से तीन बार जोताई करानी पड़ रही है, जबकि कुछ किसानों को दोबारा बुवाई। इंद्री क्षेत्र में करीब छह से सात हजार एकड़ कृषि भूमि पर लहसुन की खेती होती है।
इंद्री क्षेत्र में अधिकतर किसान अक्तूबर के पहले सप्ताह में लहसुन की बुवाई करते हैं। किसान प्रभात, अमित, राकेश और रिंकू ने बताया कि इस बार अक्तूबर में दो बार तेज बारिश होने से खेतों में पानी भर गया। जिन किसानों ने पहले ही लहसुन की बुवाई कर दी थी, उनकी फसल प्रभावित हुई है। कई खेतों में दोबारा जोताई करनी पड़ रही है। वहीं, कुछ किसानों को खराब हुई फसल के बाद फिर से बुवाई करनी पड़ेगी।
जिन किसानों ने 15 सितंबर के बाद लहसुन की खेती के लिए खेत तैयार कर लिए थे, उन्हें अक्तूबर में हुई बारिश के कारण काफी नुकसान हुआ है। - सचिन कांबोज, कृषि विकास अधिकारी इंद्री