कुरुक्षेत्र के गांव मिर्जापुर के पास वीरवार को रेलवे कर्मचारी ताराचंद की सूझबूझ से कई जिंदगियां बच गईं। दरअसल, ट्रैकमेन ताराचंद और धर्मपाल रेललाइन की जांच कर रहे थे।
इस दौरान उन्हें गावं मिर्जापुर के पास एसवाईएल नहर पुल पर रेलवे लाइन टूटी हुई थी। नहर के पुल पर करीब सात इंच रेलवे लाइन टूटी हुई थी।
दोनों ने कुरुक्षेत्र-नरवाना-जींद जा रही ट्रेन को लाल झंडी दिखाई। जिसके बाद ट्रेन को इमरजेंसी ब्रेक लगाकर रोका गया। वहीं, यात्रियों में घटना की सूचना मिलते ही हड़कंप मच गया और सारे यात्री ट्रेन से उतर कर सड़क और टूटी हुई पटड़ी के पास एकत्रित हो गए।
रेलवे ट्रेकमैन ताराचंद और धर्मपाल ने बताया कि वे दोनों रेलवे लाइन की जांच कर रहे थे। इसी बीच उन्हें मिर्जापुर गांव के पास एसवाइएल नहर के ऊपर बने पुल पर रेलवे लाइन टूटी हुई दिखाई दी। दोपहर बारह बजकर पचपन मिनट पर कुरुक्षेत्र से नरवाना-जींद जा रही ट्रेन को उन्हाेंने रुकने का इशारा किया।
जिसके बाद ट्रेन चालक ने ट्रेन को इमरजेंसी ब्रेक लगाकर रोक दिया। उन्होंने बताया कि लाल झड़ी को लहराता देख रेल चालक सतीश कुमार ने स्थिति को भांपते हुए तुरंत गाड़ी को इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए।
इसके बाद मामले की सूचना रेलवे के उच्चाधिकारियों को दी गई। रेलवे कर्मचारियों को मौके पर बुलाकर आधे घंटे की मशक्कत के बाद लाइन को वेल्डिंग मशीन से काटने के बाद ठीक किया गया। जिसके बाद गाड़ी वहां से रवाना हुई।
टूटे ट्रैक से गाड़ी ले जाने का फैसला बदला
गार्ड (रेलगाडी इंचार्ज) जगदीश कुमार और चालक सतीश कुमार ने सांत इंच ट्रैक टूटा होने के कारण उसके ऊपर से ट्रेन न गुजारने का निर्णय लिया और अधिकारियों को इसे जल्द से जल्द ठीक करवाने की सूचना दी।
वहीं, घटना के बाद यात्री एक घंटे तक लाइन ठीक होने का इंतजार करते रहे। इस दौरान कुछ यात्री साथ लगती सड़क पर आ पहुंचे और यहां से सरकारी तथा प्राइवेट बसों से अपने गंतव्य की ओर निकले। इस दौरान सड़क पर वाहनों की काफी भीड़ लग गई।
रेलवे ने हटाए अवैध कब्जे
कुरुक्षेत्र। कई वर्षों से थानेसर रेलवे लाइन और गांधी नगर के पास विभाग की भूमि पर बनाए गए अवैध आशियानों को आखिरकार प्रशासन ने वीरवार को हटा दिया।
कार्रवाई के दौरान रेलवे और हरियाणा पुलिस के जवान तैनात रहे। गौरतलब है कि पिछले कई वर्षों से थर्ड गेट, सेकंड गेट, धक्का बस्ती और अन्य जगहों पर रेलवे लाइन के पास विभाग की भूमि पर बाहर से आए लोग झोपड़ियां बनाकर रह रहे थे। वीरवार को सुबह रेलवे विभाग के अधिकारी जेसीबी के साथ मौके पर पहुंचे और कब्जाधारियों को अपना सामान उठाने के निर्देश दिए। उसके बाद जेसीबी से झोंपड़ियों को हटा दिया गया।
शुरुआत में हालांकि लोग सामान उठानेे में आनाकानी कर रहे थे, लेकिन सख्ती के बाद लोग राजी हो गए। किसी भी विरोधाभास की स्थिति से निपटने के लिए मौके पर जीआरपी और हरियाणा पुलिस के जवान तैनात रहे।
कब्जा हटाने के दौरान वर्क इंस्पेक्टर रेलवे जेके अरोड़ा, आरपीएफ चौकी प्रभारी जेएस मलिक, जीआरपी थाना प्रभारी सुरेंद्र कुमार और एएसआई ओमप्रकाश मौजूद रहे।