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छह दिन से खरीद बंद, किसानों ने किया हाईवे जाम

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जिले की विभिन्न अनाज मंडियों में लाखों क्विंटल धान पड़ा है। पिछले छह दिनों से अनाज मंडियों में धान की खरीद नहीं की गई है। इसके बावजूद खरीद न होने से धान खराब होने लगा है। इससे गुस्साए किसानों ने पहले धर्मकांटे पर हंगामा किया और मंडी सचिव से मिलकर खरीद की मांग की। सत्यापन की बात से नाराज किसानों ने हाईवे पर जाकर जाम लगा दिया। एसडीएम, क्षेत्रीय प्रशासक व सचिव ने किसी तरह समझा बुझाकर करीब आधे घंटे बाद शांत कर जाम खुलवाया।
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इसके बाद गेटपास की बजाय सिर्फ नाम लिखकर ट्रालियों को मंडियों के अंदर ले लिया गया। जितने किसान धान लेकर मंडियों में पहुंचे हैं, उनका पहले गांव जाकर सत्यापन किया जाएगा। यदि वह किसान हरियाणा के निकले तो ही उनका धान खरीदा जा सकेगा। उपायुक्त ने सत्यापन के लिए मार्केटिंग बोर्ड, कृषि, राजस्व विभाग के कर्मचारियों की संयुक्त टीमों का गठन किया है। उन्होंने यूपी आदि अन्य बाहरी राज्यों के किसानों के धान की खरीद करने से साफ इनकार किया है।
धान खरीद तो 15 नवंबर तक होती है लेकिन इस बार 23 अक्तूबर से ही खरीद को बंद करा दिया गया है। वीरवार तक गेटपास भी जारी किए लेकिन शुक्रवार को गेटपास बंद कर दिए। परिणाम ये हुए अनाज मंडिया एक बार फिर फुल हो गई। उनमें जाम की स्थिति बनने लगी। अकेले करनाल मंडी में ही डेढ़ लाख क्विंटल से अधिक धान आ गया है। कमोवेश यही स्थिति जिले की अन्य मंडियों की भी है। गेटपास ने देने पर पहले किसानों ने धर्मकांटे पर हंगामा किया। मंडी कार्यालय जाकर सचिव सुंदर सिंह कांबोज से मिलकर नाराजगी जाहिर की। जब सत्यापन की बात बताई गई को किसानों ने जीटी रोड पर जाकर जाम लगा दिया। एसडीएम अनुभव मेहता, जेडए सुशील मलिक, सचिव सुंदर सिंह कांबोज ने मौके पर पहुंचकर किसानों को भरोसा दिया कि जो किसान आए हैं, उनका धान नंबर लगाकर मंडी के अंदर ले लिया जाएगा। सत्यापन कराने के बाद खरीद लिया जाएगा। इसके बाद करीब 30 मिनट बाद किसानों ने जाम खोला।
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उधर, शुक्रवार को उपायुक्त अनीश यादव ने खरीद एजेंसियों के अधिकारी और मंडी सचिवों आदि के साथ एक-एक सचिव से उनके अधीन मंडियों में मौजूद और अनसोल्ड धान की रिपोर्ट ली, पूछा कहां से आया यह धान। जिले में धान खरीद अब पूरी हो चुकी है, अब जो धान है, वो कहां से आया, इसकी पूरी वेरिफिकेशन करने के बाद ही गेट पास कटेंगे। सत्यापन के लिए टीमें गठित की गई हैं, वो दो दिन के अंदर मंडियो में जाकर वेरिफिकेशन की रिपोर्ट देंगी। जो थोड़ा-बहुत धान इस जिले के किसानों का होगा, उसी को खरीदने के लिए अनुमति दी जाएगी।
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यूपी सीमा पर धान रोकने को नाके लगेंगे
जिले की मंडियों में उत्तर प्रदेश और दूसरे जिलों का धान नहीं खरीदा जाएगा। करनाल जिले के जो किसान मेरी फसल-मेरा ब्योरा पर पंजीकृत हैं, उनका सत्यापन करने के बाद उन्हीं का गेट पास कटेगा और तसल्ली होने पर ही धान खरीदा जाएगा। जो मंडी सचिव जिले से बाहर की मंडी का धान खरीदेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यूपी से आने वाले धान को रोकने के लिए बॉर्डर पर नाके लगाएंगे।
-अनीश यादव, उपायुक्त करनाल।
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-करनाल अनाज मंडी में करीब दो लाख क्विंटल धान ऐसा है, जो खरीदा नहीं गया है। सभी किसान हरियाणा के है, उनके मंडी प्रशासन ने गेटपास भी काटे हैं। लेकिन धान खरीद एजेंसियां मंडी में रविवार से ही खरीद नहीं कर रही हैं। यदि खरीद नहीं करनी थी तो गेटपास क्यों काटे गए। अचानक अघोषित तरीके से खरीद बंद करने से आढ़तियों को भी भारी आर्थिक क्षति पहुंच रही है।
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-रजनीश चौधरी, जिला प्रधान, अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन।
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