जिले के सेक्टर-12 में चल रहे सरस मेले में जहां हस्त शिल्पकारों की कलाकृतियाें ने सबके दिलों पर जादू चला दिया है, वहीं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कलाकारों की प्रस्तुतियां ने भी लोगों का दिल जीत लिया है। बृहस्पतिवार को पंजाब प्रांत के भटिंडा जिला से आए बाजीगारों ने अपनी बाजीगरी से धमाल मचाया। कलाकारों ने ढोल की थाप पर जहां भंगड़े की प्रस्तुति देकर सबका दिल जीत लिया। वहीं सिर पर मटका रखकर उसके ऊपर अन्य कलाकार के खड़ा होने का बैलेंस देख सब दंग रह गए। यही नहीं बाजीगरों ने चार सूत के लोहे के सरिये को गर्दन से मोड़ने का करतब दिखाया।
बाजीगरों के सरताज वकील सिंह ने बताया कि वे भारत ही नहीं विदेशों में भी अपनी कला का प्रदर्शन कर चुके हैं। हर जगह पर उनकी कला को सराहना मिली है। वकील सिंह का कहना है कि उन्होंने अपने पूर्वजों की कला व अपनी संस्कृति को जिंदा रखने के लिए इस लाइन को चुना है। बाजीगर शुरू से ही अपने कलाओं के लिए प्रसिद्ध रहे हैं। लेकिन आधुनिक युग में देश की संस्कृति व कला मिटने के कगार पर हैं।
जिसेे जीवित रख आने वाली पीढ़ियों को इससे अवगत कराना बेहद जरूरी है। उनके साथ कलाकार, अंग्रेज सिंह, चरणजीत सिंह, बिकर सिंह, निरंजन सिंह, केसर सिंह, गुरप्रीत सिंह ने बताया कि वे केवल खाली समय में ही इस कला के प्रचार के लिए जाते हैं, वरना सभी कलाकारों के पास रोजगार के अन्य साधन भी हैं।